उत्तराखंड के छात्रों के लिए ऐतिहासिक फैसला, अब बिना प्रवेश परीक्षा के मिलेगा पॉलिटेक्निक में सीधा दाखिला

उत्तराखंड के स्कूली छात्रों को तकनीकी (Technical) और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब उत्तराखंड बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों को पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के लिए किसी भी तरह की जटिल प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) के दौर से नहीं गुजरना होगा। सरकार ने नियमों को बेहद आसान बनाते हुए छात्रों को सीधे दाखिला देने का प्रावधान कर दिया है।

इस नए फैसले के तहत उत्तराखंड बोर्ड से इंटरमीडिएट (12वीं) पास करने वाले छात्रों को पॉलिटेक्निक में सीधे दूसरे वर्ष (Direct Second Year Admission) में लैटरल एंट्री के जरिए प्रवेश मिल जाएगा। इसके साथ ही हाईस्कूल (10वीं) पास करने वाले छात्र-छात्राओं को भी अब पॉलिटेक्निक के प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए कोई प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी।

माध्यमिक और प्राविधिक शिक्षा विभाग के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता

इस नई व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए देहरादून स्थित एससीईआरटी (SCERT) सभागार में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की गरिमामयी मौजूदगी में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती और प्राविधिक शिक्षा विभाग के निदेशक देशराज ने एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।

इस महत्वपूर्ण समझौते के तहत राज्य के सरकारी इंटर कॉलेजों को उनके नजदीकी और चुनिंदा राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ लिंक (संबद्ध) किया जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विद्यालयी छात्रों को बिना किसी भागदौड़ या मुश्किल एडमिशन प्रोसेस के सीधे सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सीट मिल सकेगी, जिससे वे समय रहते तकनीकी शिक्षा हासिल कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

युवाओं को हुनरमंद बनाने में मील का पत्थर साबित होगा यह फैसला: शिक्षा मंत्री

एमओयू साइन होने के मौके पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनूठी और दूरगामी पहल राज्य के युवाओं को हुनरमंद (Skilled) बनाने और उनके लिए रोजगार के नए द्वार खोलने में मील का पत्थर साबित होगी। इस फैसले के बाद न सिर्फ छात्रों का रुझान तकनीकी कोर्सेज की तरफ बढ़ेगा, बल्कि राज्य के पॉलिटेक्निक संस्थानों में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों और लैब्स का भी बेहतर और शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इस खास मौके पर प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव मुकेश पांडेय और संयुक्त निदेशक आलोक मिश्रा सहित विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

पॉलिटेक्निक दाखिले के क्या हैं नए नियम?

सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के मुताबिक अब छात्रों को एडमिशन के लिए नीचे दिए गए नियमों का लाभ मिलेगा:

  • 10वीं के बाद सीधा प्रवेश: हाईस्कूल उत्तीर्ण करने वाले छात्र अब बिना किसी प्रवेश परीक्षा के पॉलिटेक्निक के इंजीनियरिंग डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष (First Year) में सीधे प्रवेश लेने के हकदार होंगे।

  • 12वीं के बाद सीधे दूसरे साल में एंट्री: इंटरमीडिएट (विज्ञान/तकनीकी स्ट्रीम) पास करने वाले छात्रों को सीधे पॉलिटेक्निक के द्वितीय वर्ष (Second Year) में दाखिला दिया जाएगा, जिससे उनके कीमती समय की बचत होगी।

  • जटिल प्रक्रिया से मुक्ति: छात्रों को अब काउंसलिंग और लंबी प्रवेश प्रक्रियाओं के चक्कर नहीं काटने होंगे, कॉलेजों की लिंकिंग प्रणाली से सीधे मेरिट और बोर्ड के अंकों के आधार पर पारदर्शी तरीके से दाखिला मिल जाएगा।