
हिंदी सिनेमा के दिवंगत और बेहद वर्सटाइल एक्टर इरफान खान की फिल्म ‘द लंचबॉक्स’ (The Lunchbox) को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया था। बिना किसी तड़क-भड़क के, बेहद सादगी और गहराई से इंसानी रिश्तों को पर्दे पर उतारने वाली यह फिल्म आज भी लोगों के दिलों के करीब है। अगर इस खूबसूरत फिल्म ने आपके दिल को भी छुआ है और आप इस वीकेंड पर कुछ वैसी ही ठहराव, सुकून और जज्बातों से भरी फिल्मों की तलाश में हैं, तो हम आपके लिए लेकर आए हैं 5 ऐसी बेहतरीन फिल्मों की लिस्ट, जिन्हें आप अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं।
1. 8 एएम मेट्रो (8 A.M. Metro) दो अजनबियों के अकेलेपन का खूबसूरत सफर
गुलशन देवैया और सैयामी खेर के बेहतरीन अभिनय से सजी यह फिल्म आपको काफी हद तक ‘द लंचबॉक्स’ के उस दौर की याद दिलाएगी जहां दो अनजाने दिल आपस में जुड़ते हैं। यह कहानी दो ऐसे अजनबियों की है जो हर सुबह ठीक 8 बजे की मेट्रो ट्रेन में मिलते हैं। अपनी-अपनी निजी जिंदगी के अनकहे दर्दों, वैवाहिक नीरसता और अकेलेपन से जूझ रहे ये दोनों किरदार ट्रेन के सफर के दौरान कविता, अदब और गहरी बातों के जरिए एक-दूसरे के मानसिक घावों को भरने में मदद करते हैं।
2. फोटोग्राफ (Photograph) मुंबई की रफ्तार के बीच एक ठहरी हुई प्रेम कहानी
‘द लंचबॉक्स’ के ही मशहूर डायरेक्टर रितेश बत्रा द्वारा निर्देशित फिल्म ‘फोटोग्राफ’ एक बेहद स्लो-पेस्ड और दिल को छू लेने वाली लव स्टोरी है। फिल्म की कहानी मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर सैलानियों की तस्वीरें खींचने वाले एक गरीब फोटोग्राफर (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) और एक बेहद शांत स्वभाव की सीए स्टूडेंट (सान्या मल्होत्रा) के इर्द-गिर्द घूमती है। फोटोग्राफर लड़की को इस बात के लिए राजी करता है कि वह उसकी दादी के सामने कुछ समय के लिए मंगेतर बनने का नाटक करे। इस दिखावे के बीच दोनों के बीच कैसे एक अनकहा सा रिश्ता पनप जाता है, यही फिल्म की खूबसूरती है।
3. थ्री ऑफ अस (Three of Us) यादों के धुंधलके में बचपन के प्यार की तलाश
शेफाली शाह, जयदीप अहलावत और स्वानंद किरकिरे के शानदार और सधे हुए अभिनय से सजी यह फिल्म बेहद भावुक करने वाली है। फिल्म की कहानी एक ऐसी अधेड़ उम्र की महिला के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जो डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) के शुरुआती दौर से गुजर रही है। सब कुछ भूल जाने से पहले वह अपने अतीत को आखिरी बार जीने के लिए कोंकण के उस छोटे से कस्बे में जाती है, जहां उसका बचपन बीता था। वहां उसकी मुलाकात अपने बचपन के पहले प्यार से होती है। बीते कल की यादें और दोनों के बीच की खामोशी इस फिल्म को मास्टरपीस बनाती है।
4. मसान (Masaan) जिंदगी, मौत और दुखों से उबरने की दास्तान
वाराणसी (बनारस) के घाटों की पृष्ठभूमि पर सेट की गई ‘मसान’ सिनेमा प्रेमियों के लिए एक कल्ट फिल्म बन चुकी है। फिल्म में दो अलग-अलग कहानियों को समानांतर रूप से दिखाया गया है, जो आगे चलकर एक मोड़ पर मिलती हैं। फिल्म का स्लो और रूहानी संगीत, विक्की कौशल और श्वेता त्रिपाठी की मासूमियत, रिचा चड्ढा का संघर्ष और गहरे दुखों व सामाजिक बेड़ियों से उबरने की मानवीय प्रक्रिया आपके रोंगटे खड़े कर देगी। यह फिल्म सिखाती है कि जिंदगी में सब कुछ खत्म होने के बाद भी शुरुआत कैसे की जाती है।
5. 96 अधूरी मोहब्बत और पुरानी यादों की एक हसीन रात
यह एक बेहद खूबसूरत तमिल रोमांटिक-ड्रामा फिल्म है, जो आपके दिल को एक पल के लिए तोड़ेगी भी और अगले ही पल सुकून से भर देगी। विजय सेतुपति और तृषा कृष्णन की मुख्य भूमिकाओं वाली यह पूरी फिल्म महज एक रात की कहानी पर आधारित है। उस रात, स्कूल के दो पुराने प्रेमी सालों बाद एक स्कूल रियूनियन (गेट-टुगेदर) में आमने-सामने आते हैं। उनके बीच की अधूरी बातें, आंखों की खामोशी और पुरानी यादों का सफर ही इस फिल्म की असली जान है। इस फिल्म का संगीत और सादगी आपको लंबे समय तक याद रहेगी।
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