
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के पहले क्वालीफायर मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के हाथों मिली 92 रनों की करारी शिकस्त के बाद गुजरात टाइटन्स (GT) के खेमे में मायूसी का माहौल है। इस करारी हार पर गुजरात टाइटन्स के स्टार बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने खुलकर बात की है। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि स्कोरबोर्ड का भारी दबाव और बेहद खराब फील्डिंग ही टीम की इस बड़ी असफलता की मुख्य वजह रही। हालांकि, उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि टीम इस निराशाजनक हार को भुलाकर एलिमिनेटर मैच की विजेता टीम के खिलाफ होने वाले दूसरे क्वालीफायर में दमदार वापसी करेगी।
रजत पाटीदार का तूफान और स्कोरबोर्ड का ‘माउंटेन प्रेशर’
इस मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 254 रनों का विशाल और ऐतिहासिक स्कोर खड़ा किया था। आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए महज कुछ ही गेंदों में 93 रनों की नाबाद और तूफानी पारी खेली। 255 रनों के इस पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटन्स का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। आरसीबी के गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी गुजरात की टीम महज 162 रनों पर ही ढेर हो गई।
मैच का हिस्सा न होने के बावजूद ग्लेन फिलिप्स ने टीम की रणनीतिक कमियों को माना। उन्होंने कहा, ‘250 रनों का टार्गेट किसी भी परिस्थिति में बेहद मुश्किल होता है, खासकर तब जब किस्मत भी आपका साथ न दे रही हो। जब आप इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हैं, तो स्कोरबोर्ड का मनोवैज्ञानिक दबाव बहुत ज्यादा होता है। क्रिकेट इतिहास में बहुत कम टीमें ही ऐसे टार्गेट को चेज कर पाई हैं।’
पिच नहीं थी खराब, बल्लेबाजों ने खुद गंवाया मौका
ग्लेन फिलिप्स ने इस बात पर भी जोर दिया कि पहली पारी में बड़ा स्कोर बनने के बावजूद पिच में कोई खराबी नहीं थी और वहां रन बनाना मुमकिन था। उन्होंने अपनी बात को सही साबित करने के लिए राहुल तेवतिया का उदाहरण भी दिया।
फिलिप्स ने कहा, ‘इस पिच पर रजत पाटीदार और आरसीबी के अन्य बल्लेबाजों ने आसानी से रन बनाए। लेकिन जैसा कि हमारी पारी में राहुल तेवतिया ने खेल दिखाया, उससे यह साफ था कि दूसरी पारी में भी बल्लेबाजी के लिए विकेट काफी अच्छा खेल रहा था। हमने मैदान पर अपना पूरा दमखाम लगाने की कोशिश की, लेकिन जब आप 250 रनों का पीछा कर रहे होते हैं, तो आपका हर एक कदम परफेक्ट होना चाहिए, जो इस मैच में हमारे साथ नहीं हुआ।’
फील्डिंग ने डुबोई लुटिया: पाटीदार का कैच छोड़ना पड़ा सबसे भारी
न्यूजीलैंड के इस धाकड़ खिलाड़ी ने गुजरात टाइटन्स की हार का सबसे बड़ा ठीकरा टीम की खराब फील्डिंग पर फोड़ा। उन्होंने मैच के टर्निंग पॉइंट का जिक्र करते हुए कहा कि जब रजत पाटीदार सिर्फ 20 रन पर खेल रहे थे, तब टीम ने उनका एक आसान सा कैच टपका दिया था, जिसकी कीमत टीम को हार के रूप में चुकानी पड़ी।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, ‘प्लेऑफ जैसे नॉकआउट मैचों में फील्डिंग की भूमिका सबसे अहम हो जाती है। आप कितनी भी अच्छी गेंदबाजी या बल्लेबाजी क्यों न कर लें, लेकिन अगर आपका फील्डिंग स्तर खराब है, तो आप मैच कभी नहीं जीत सकते। हमने रजत का कैच छोड़ कर बहुत बड़ी गलती की और इसकी भारी कीमत चुकाई। सीधा सा नियम है- अगर आप कैच नहीं पकड़ेंगे, तो मैच नहीं जीत पाएंगे।’
क्वालीफायर 2 में वापसी की उम्मीद: ‘एक-दो रन की हार से बेहतर है बड़ी हार’
इतनी बड़ी और एकतरफा हार का सामना करने के बावजूद ग्लेन फिलिप्स का हौसला कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्लेऑफ के इस विशेष प्रारूप की वजह से गुजरात टाइटन्स बेहद भाग्यशाली है कि उसे फाइनल में पहुंचने का एक और मौका (क्वालीफायर 2) मिलेगा।
इस हार से उबरने को लेकर उन्होंने एक दिलचस्प तर्क देते हुए कहा, ‘कभी-कभी इस तरह की बड़ी हार से उबरना उन मैचों के मुकाबले ज्यादा आसान होता है जहां आप एक या दो रन से हारते हैं। करीबी हार में आप बार-बार सोचते रहते हैं कि काश उस पल ऐसा हो जाता या वैसा हो जाता। लेकिन जब आप जीत के आस-पास भी नहीं होते, तो आप बस यह मान लेते हैं कि आज हमारा दिन नहीं था। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगले मैच में भी हमारा दिन नहीं बदलेगा। हम मजबूत वापसी करेंगे।’
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