Vi Share Price: वोडाफोन आइडिया के शेयर ने छुआ नया 52-वीक हाई, 1 साल में पैसा किया डबल

यदि आप भारतीय शेयर बाजार (Share Market) पर नजर रखते हैं, तो टेलीकॉम सेक्टर के दिग्गज स्टॉक वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea – Vi) की हालिया हलचल ने आपका ध्यान जरूर खींचा होगा। लंबे समय तक भारी कर्ज और कड़े कॉम्पिटिशन के दबाव में रहने के बाद, अब यह टेलीकॉम स्टॉक घरेलू बाजार में जोरदार और ऐतिहासिक वापसी करता दिखाई दे रहा है।

बुधवार को कंपनी के शेयर ने शुरुआती कारोबार में करीब 1% की बढ़त के साथ ₹14.29 का स्तर छू लिया, जो कि इसका नया 52-वीक हाई (52-Week High) यानी पिछले एक साल का सबसे ऊंचा स्तर है। खास बात यह है कि यह शेयर लगातार सातवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ ग्रीन ज़ोन में कारोबार करता दिखा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस मल्टीबैगर स्टॉक की तेजी के पीछे कौन से बड़े ट्रिगर्स काम कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए बना ‘मल्टीबैगर’: 1 साल में 100% से ज्यादा का रिटर्न

वोडाफोन आइडिया के शेयर ने पिछले कुछ समय में अपने निवेशकों को छप्परफाड़ रिटर्न देकर चौंका दिया है:

समयावधि (Timeline) शेयर का रिटर्न (Approx Return)
पिछले 1 महीने में ~ 46% की उछाल
पिछले 3 महीनों में ~ 33% की बढ़त
पिछले 6 महीनों में ~ 40% की मजबूती
पिछले 1 साल में 100% से ज्यादा (पैसा डबल)

यही वजह है कि इस अभूतपूर्व रिकवरी को देखकर रिटेल निवेशकों (Retail Investors) से लेकर बड़े मार्केट एक्सपर्ट्स तक, सभी की नजरें इस टेलीकॉम स्टॉक पर टिक गई हैं।

Vi के शेयरों में आई इस तूफानी तेजी के 3 मुख्य कारण

1. लगातार तीसरे महीने बढ़ा ग्राहक आधार (Subscriber Base)

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने वोडाफोन आइडिया के पक्ष में बड़ा माहौल बनाया है। आंकड़ों के मुताबिक, Vi ने अप्रैल 2026 में 53,257 नए ग्राहक जोड़े हैं।

इससे पहले कंपनी ने मार्च में 1.03 लाख और फरवरी में करीब 22 हजार नए यूजर्स जोड़े थे। यह लगातार तीसरा महीना है जब कंपनी का सब्सक्राइबर बेस घटा नहीं बल्कि बढ़ा है। हालांकि रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के मुकाबले यह संख्या कम है, लेकिन सालों से लगातार ग्राहक खो रही Vi के लिए यह सुधार एक संजीवनी बूस्ट जैसा है, जिसे बाजार सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है।

2. CRISIL ने रेटिंग को किया अपग्रेड (A- Rating)

दिग्गज रेटिंग एजेंसी CRISIL ने वोडाफोन आइडिया की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड करते हुए इसे ‘A-‘ कर दिया है और साथ ही ‘स्टेबल’ (Stable) आउटलुक दिया है।

क्रिसिल का तर्क: रेटिंग एजेंसी का मानना है कि प्रमोटर आदित्य बिड़ला ग्रुप (Aditya Birla Group) का लगातार मिल रहा वित्तीय व रणनीतिक समर्थन, बाजार में Vi की मजबूत उपस्थिति और बिजनेस ऑपरेशन में आ रहा सुधार इस अपग्रेड की मुख्य वजहें हैं। इसके साथ ही, कंपनी अगले कुछ सालों में ₹45,000 करोड़ का बड़ा निवेश करने जा रही है, जिससे 4G नेटवर्क को मजबूत करने और 5G साइट्स को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी, जो भविष्य में कंपनी के कैश फ्लो और कमाई को बेहतर करेगा।

3. AGR बकाये में सरकार से मिली भारी राहत

Vi के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट AGR (Adjusted Gross Revenue) यानी एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू के बकाये मामले में नकदी के दबाव का कम होना रहा। दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा कंपनी की एजीआर देनदारी को काफी हद तक तर्कसंगत बनाते हुए घटा दिया गया है।

पहले कंपनी पर कुल एजीआर देनदारी ₹87,695 करोड़ थी, जो अब घटकर ₹64,046 करोड़ रह गई है। इस बड़ी राहत से कंपनी के पास वर्किंग कैपिटल और नेटवर्क विस्तार के लिए नकदी की उपलब्धता आसान हो गई है।

कैसा है शेयर का परफॉर्मेंस और आगे की राह?

बुधवार के कारोबारी सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर वोडाफोन आइडिया का शेयर ₹14.20 के स्तर के आसपास मजबूती से टिका रहा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि कंपनी इसी रफ्तार से अपने परिचालन घाटे को कम करती रही और 5G रोलआउट के साथ ग्राहकों को जोड़ने में सफल रही, तो लंबी अवधि में स्टॉक और मजबूत प्रदर्शन दिखा सकता है।

हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में टैरिफ वॉर और प्रतिस्पर्धा बेहद आक्रामक है, जिसके चलते Vi के सामने चुनौतियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। लेकिन फिलहाल, शॉर्ट से मीडियम टर्म के लिए बाजार का सेंटिमेंट इस शेयर को लेकर पूरी तरह बुलिश बना हुआ है।