
वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह से ही दोनों कीमती धातुओं के भाव लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और बढ़ती महंगाई के दबाव के कारण निवेशकों ने सोने-चांदी से दूरी बनाई है।
आइए जानते हैं कि आज घरेलू और ग्लोबल मार्केट्स में सोने-चांदी का क्या भाव है और इस गिरावट के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं:
MCX पर सोने और चांदी के ताजा रेट्स (26 मई 2026)
आज सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव (Futures Rate) में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया:
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एमसीएक्स गोल्ड (MCX Gold): सोने का वायदा भाव 0.24% की गिरावट के साथ 1,58,699 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
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एमसीएक्स सिल्वर (MCX Silver): चांदी की कीमतों में ज्यादा बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह 1.22% टूटने के बाद 2,73,349 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई।
इंटरनेशनल मार्केट (Global Market) का हाल
वैश्विक बाजारों में भी आज कीमती धातुओं की चमक फीकी रही:
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स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 0.7% गिरकर 4,537.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
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इंटरनेशनल सिल्वर: वैश्विक स्तर पर चांदी का रेट 1.8% की तगड़ी गिरावट के साथ 76.66 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया।
आखिर क्यों गिरा सोने और चांदी का ग्राफ? जानें 3 मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल ने सर्राफा बाजार के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है। गिरावट की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
1.डॉलर इंडेक्स में मजबूती:कारण 1.
वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती के कारण सोने पर दबाव बढ़ा है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमतों में कमी आती है।
2.ईरान-अमेरिका तनाव और क्रूड ऑयल में उछाल:कारण 2.
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए ताजा हमलों की खबरों के बाद कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में फिर से तेजी आ गई है। ब्रेंट क्रूड 1% की बढ़त के साथ 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। यदि यह तनाव जल्द नहीं सुलझा, तो दुनिया भर में महंगाई का संकट और गहरा सकता है, जिससे बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।
3.वैश्विक महंगाई का चौतरफा असर:कारण 3.
मौजूदा जियोपॉलिटिकल (भू-राजनीतिक) हालातों की वजह से भारत सहित पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ रही है। यद्यपि सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में बढ़ती महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता का तात्कालिक बुरा असर सोने की कीमतों पर साफ देखा जा रहा है।
सोने के भाव पर क्या कह रहे हैं मार्केट एक्सपर्ट्स?
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर (Chief Research Officer) रवि सिंह के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने का बाजार कुछ इस तरह के ट्रेंड दिखा सकता है:
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सपोर्ट लेवल (Support): मौजूदा समय में सोने को 1,57,500 रुपये के करीब एक मजबूत सपोर्ट मिल रहा है।
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रेसिस्टेंस लेवल (Resistance): सोने के लिए ऊपरी स्तर पर 1,60,000 रुपये के पास कड़ा रेसिस्टेंस बना हुआ है।
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आगे की राह: यदि सोना 1,60,000 रुपये के इस रेसिस्टेंस लेवल को पार करने में सफल रहता है, तो आने वाले समय में इसका रेट 1,63,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक भी जा सकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है। सोने और चांदी की कीमतों में बदलाव के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण होते हैं। यह किसी भी प्रकार की निवेश (Investment) की सलाह नहीं है। बाजार में किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श जरूर लें।
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