हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं, खराब स्वास्थ्य के बीच प्रेमानंद महाराज का भावुक संदेश

वृंदावन के प्रसिद्ध और देश-विदेश में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र संत श्री प्रेमानंद जी महाराज पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे हैं। उनके खराब स्वास्थ्य को लेकर जहां एक तरफ भक्त बेहद चिंतित हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महाराज ने खुद सामने आकर अपने शिष्यों और अनुयायियों के लिए एक बेहद भावुक और दिलासा देने वाला संदेश जारी किया है।

वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम ट्रस्ट के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रविवार को महाराज का 1 मिनट 19 सेकेंड का एक वीडियो संदेश अपलोड किया गया है। इस वीडियो में व्हीलचेयर पर बैठे महाराज ने अपने भक्तों से बिल्कुल भी चिंता न करने और केवल ‘नाम जप’ पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की है।

“चिंता मत करो, बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में हम होंगे”

वीडियो संदेश में प्रेमानंद महाराज ने अपने अनुयायियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि गुरु और शिष्य का संबंध शारीरिक दूरियों से परे होता है।

प्रेमानंद जी महाराज ने कहा: “बिल्कुल चिंता मत करो। हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं। अंतिम बात यही कि चिंता नहीं करनी। न ये चिंता करनी है कि कैसे हमारा उत्थान होगा। बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में हम होंगे। आप सब निश्चिंत होकर केवल भजन और नाम जप करते रहिए। जो जहां जिस सेवा में लगा है, वह उसी सेवा में समर्पित भाव से बना रहे।”

महाराज ने भक्तों को भरोसा दिलाया कि गुरुदेव हमेशा सूक्ष्म रूप से उनके साथ हैं और समय आने पर वह स्वयं दोबारा सभी से संवाद (बातचीत) करेंगे। इस संदेश को सुनने के बाद सोशल मीडिया पर भक्तों की आंखें नम हो गईं और वे लगातार महाराज के दीर्घायु होने की कामना कर रहे हैं।

17 मई से रात्रि पदयात्रा और एकांतिक दर्शन हैं बंद

बता दें कि 17 मई 2026 से प्रेमानंद महाराज की प्रसिद्ध रात्रि पदयात्रा और एकांतिक दर्शन (व्यक्तिगत मुलाकात) को पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है।

  • तड़के 3 बजे नहीं निकले महाराज: 17 मई की रात को हमेशा की तरह हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन के लिए केलि कुंज आश्रम के बाहर सड़कों पर खड़े थे। लेकिन महाराज तड़के 3 बजे पदयात्रा के लिए बाहर नहीं आए।

  • लाउडस्पीकर से हुई घोषणा: इसके बाद आश्रम के शिष्यों ने लाउडस्पीकर से घोषणा कर भक्तों को बताया कि अचानक स्वास्थ्य खराब होने के कारण महाराज की पदयात्रा स्थगित की जा रही है।

  • गुरु दर्शन के लिए पहुंचे थे: हालांकि, स्वास्थ्य में थोड़े सुधार के बाद तीन दिन पहले महाराज केली कुंज आश्रम से बाहर निकले थे और वराह घाट स्थित अपने गुरु गोविंद शरण महाराज के दर्शन करने पहुंचे थे।

दोनों किडनी खराब, हफ्ते में 2-3 बार होती है डायलिसिस

प्रेमानंद जी महाराज का जीवन किसी चमत्कार से कम नहीं है। वह पिछले कई वर्षों से किडनी की अत्यंत गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।

  • पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज: महाराज की दोनों किडनियां पूरी तरह से खराब हो चुकी हैं।

  • नियमित डायलिसिस: उन्हें जीवित रहने और स्वस्थ रहने के लिए सप्ताह में 2 से 3 बार डायलिसिस की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इतनी शारीरिक पीड़ा और गंभीर बीमारी के बावजूद उनके चेहरे का तेज और भक्तों को कथा सुनाने का संकल्प कभी कम नहीं होता।

संन्यास से प्रेमानंद महाराज बनने तक का सफर

आश्रम प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम लगातार महाराज के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। वहीं, महाराज ने अपने भक्तों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनका असली दर्शन गुरु की आज्ञा का पालन करना और निरंतर राधा-नाम का जप करना ही है।