30 डॉलर में मिली 1951 की दुर्लभ पेंटिंग, 70 साल बाद खुली किस्मत; नीलामी में लगी 13 करोड़ की ऐतिहासिक बोली

कबाड़ समझी जाने वाली पुरानी चीजों के बीच कभी-कभी ऐसी अनमोल धरोहरें छिपी होती हैं, जो रातों-रात किसी की तकदीर बदल देती हैं। ऐसा ही एक हैरतअंगेज मामला अमेरिका के मिशिगन से सामने आया है, जहां एक सामान्य एस्टेट सेल में महज 30 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 2500 रुपये) में खरीदी गई एक पुरानी धूल भरी पेंटिंग ने वैश्विक कला बाजार में तहलका मचा दिया है। लगभग 70 से 75 वर्षों तक सार्वजनिक नजरों से ओझल रही 1951 की यह दुर्लभ कलाकृति जब अंतरराष्ट्रीय नीलामी मंच पर पहुंची, तो उसने अनुमानों को ध्वस्त करते हुए 1.35 मिलियन डॉलर यानी करीब 13 करोड़ रुपये में बिककर एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम कर दिया।

यह बेशकीमती पेंटिंग शिकागो की मशहूर अतियथार्थवादी (Surrealist) चित्रकार गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी (Gertrude Abercrombie) द्वारा साल 1951 में बनाई गई थी। इस पेंटिंग का शीर्षक ‘एल्डरमैन मेरियम्स शेल्स’ (Alderman Merriam’s Shells) है। कला इतिहासकारों के अनुसार, एबरक्रॉम्बी की शैली आमतौर पर उनके आंतरिक ख्यालों, प्रतीकों और सपनों की दुनिया पर आधारित होती थी, लेकिन यह पेंटिंग उनके करियर की बेहद दुर्लभ कृतियों में से एक है क्योंकि इसे उन्होंने शिकागो के हाइड पार्क इलाके के तत्कालीन एल्डरमैन रॉबर्ट मेरियम के समुद्री शंखों (Shells) को सीधे देखकर कैनवास पर उतारा था। बताया जाता है कि 1952 के आसपास चित्रकार ने अपने एक मेडिकल ट्रीटमेंट के बदले डॉक्टर को यह पेंटिंग फीस के रूप में दे दी थी, जिसके बाद यह कला जगत से पूरी तरह गायब हो गई और दशकों तक गुमनाम बनी रही।

मिशिगन में रहने वाले एक सामान्य ट्रेजर हंटर और विंटेज सामानों के खरीदार ने एक स्थानीय एस्टेट सेल के आखिरी पलों में इस पेंटिंग को देखा था। उस समय वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति या आयोजक को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि दीवार पर टंगी यह सामान्य सी दिखने वाली पेंटिंग करोड़ों की हो सकती है। खरीदार ने केवल 30 डॉलर देकर इसे अपने घर ले आया। इसके बाद जब उन्होंने कलाकृति की शैली, उस पर बने शंखों के प्रतीकों और बारीक हस्ताक्षरों का मिलान किया, तो उन्हें इसके बड़े कलाकार की रचना होने का संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की कला पर शोध करने वाली प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. सुसान वेनिंगर (Dr. Susan Weininger) से संपर्क किया। विशेषज्ञों द्वारा गहराई से की गई जांच, रंगद्रव्य विश्लेषण और ऐतिहासिक दस्तावेजों के मिलान के बाद आधिकारिक तौर पर प्रमाणित हुआ कि यह 1951 से खोई हुई एबरक्रॉम्बी की मूल कृति ही है।

पेंटिंग की प्रामाणिकता सिद्ध होते ही न्यूयॉर्क के प्रतिष्ठित नीलामी घर फ्रीमैन (Freeman’s Auction) ने इसे अपनी पोस्ट-वार एंड कंटेम्पररी आर्ट नीलामी सूची में शामिल किया। शुरुआत में नीलामी विशेषज्ञों ने इसके 2 लाख से 2.5 लाख डॉलर (करीब 2 करोड़ रुपये) तक बिकने का अनुमान लगाया था। लेकिन जैसे ही बोली शुरू हुई, दुनिया भर के दिग्गज कला प्रेमियों, निजी संग्राहकों और बड़े संग्रहालयों के बीच इसे खरीदने के लिए होड़ मच गई। कुछ ही मिनटों में बोलियां आसमान छूने लगीं और अंततः हथौड़ा 1,352,600 डॉलर (लगभग 13 करोड़ रुपये) की रिकॉर्ड कीमत पर गिरा। इस ऐतिहासिक बिक्री ने न केवल खरीदार को फर्श से अर्श पर पहुंचा दिया, बल्कि गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी के करियर की किसी भी पेंटिंग के लिए अब तक की सबसे ऊंची कीमत का नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया।

बीते कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय कला दीर्घाओं और मियामी, लंदन व न्यूयॉर्क के आर्ट मार्केट में मध्य-शताब्दी की महिला अतियथार्थवादी चित्रकारों के कार्यों को लेकर भारी दिलचस्पी देखी जा रही है। 1977 में दुनिया को अलविदा कह चुकीं गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी को उनके जीवनकाल में वह पहचान नहीं मिल सकी थी, जिसकी वे हकदार थीं। उन्हें ‘बोहेमियन क्वीन’ और ‘जैज आर्टिस्ट’ भी कहा जाता था क्योंकि उनके घर में बिली हॉलिडे जैसे दिग्गज संगीतकारों की महफिलें सजती थीं। 2018 के बाद से जब प्रमुख दीर्घाओं ने उनकी एकल प्रदर्शनियां आयोजित कीं, तो उनकी कृतियों का मूल्य कई गुना बढ़ गया। 30 डॉलर की इस पेंटिंग की खोज को आधुनिक कला के इतिहास की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली पुनर्खोजों में गिना जा रहा है।