
भारतीय शेयर बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बीच निवेशकों के पास कम पैसों में ज्यादा शेयर हासिल करने का एक शानदार मौका आने वाला है। अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो में शेयरों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं, तो अगले हफ्ते बाजार की हलचल पर नजर रखें। कॉरपोरेट जगत की तीन धाकड़ कंपनियां अपने मौजूदा निवेशकों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में हैं। अगले सप्ताह ये तीनों कंपनियां अपने शेयरों का सब-डिवीजन यानी स्टॉक स्प्लिट (Stock Split) करने जा रही हैं। इस कॉरपोरेट एक्शन के बाद निवेशकों के पास मौजूद एक शेयर के बदले कई शेयर मिल जाएंगे, जिससे बाजार में इन शेयरों की लिक्विडिटी और ट्रेडिंग एक्टिविटी काफी बढ़ जाएगी।
इन 3 कंपनियों के स्टॉक स्प्लिट पर टिकी हैं बाजार की नजरें
निवेशकों को बंपर फायदा पहुंचाने वाली इस लिस्ट में सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड (Simplex Castings Ltd), पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (Pondy Oxides & Chemicals Ltd) और कलिंद लिमिटेड (Kalind Ltd) शामिल हैं। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, इन तीनों कंपनियों ने अपने शेयरों के विभाजन के लिए अगले हफ्ते की महत्वपूर्ण तारीखें तय कर दी हैं। शेयर बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्टॉक स्प्लिट के बाद इन कंपनियों के शेयरों की कीमतें आम खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के बजट में आ जाएंगी, जिससे छोटे शहरों जैसे लखनऊ, जयपुर और इंदौर के नए निवेशक भी इनमें आसानी से दांव लगा सकेंगे।
जानिए किस रेशियो में बंटेंगे शेयर और क्या है इनकी रिकॉर्ड डेट
स्टॉक स्प्लिट के गणित को देखें तो सिम्प्लेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड अपने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को 2 रुपये फेस वैल्यू के 5 शेयरों में बदलने जा रही है, जिसकी एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट 20 जुलाई 2026 तय है। वहीं, पोंडी ऑक्साइड्स एंड केमिकल्स लिमिटेड भी अपने 5 रुपये फेस वैल्यू के शेयर को 2 रुपये फेस वैल्यू में स्प्लिट करेगी, जिसके लिए 21 जुलाई 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है। इसके अलावा, कलिंद लिमिटेड भी अपने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले एक शेयर को तोड़कर 5 शेयर बनाएगी, जिसकी रिकॉर्ड डेट 24 जुलाई 2026 है। यानी इन कंपनियों के शेयरधारकों के पास अगर 100 शेयर हैं, तो स्प्लिट के बाद उनकी संख्या बढ़कर सीधे 500 तक हो सकती है।
क्या निवेश की कुल वैल्यू में भी होगा कोई बदलाव?
नए निवेशकों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि स्टॉक स्प्लिट होने से कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन (कुल बाजार मूल्य) या आपके निवेश की कुल वैल्यू पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है। जब शेयरों की संख्या बढ़ती है, तो उसी अनुपात में प्रति शेयर की कीमत बाजार में कम हो जाती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी शेयर की कीमत 1,500 रुपये है और वह 1:5 के रेशियो में स्प्लिट होता है, तो स्प्लिट के बाद उसकी कीमत घटकर 300 रुपये प्रति शेयर रह जाएगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कदम पूरी तरह से लिक्विडिटी बढ़ाने और शेयर को किफायती बनाने के लिए उठाया जाता है, जिससे आगे चलकर शेयर में तेजी की संभावना बढ़ जाती है।
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