
कम उम्र में बालों का सफेद होना आज के समय में एक आम समस्या बन चुका है, जिससे हर दूसरा व्यक्ति परेशान है। बालों को छुपाने के लिए लोग अक्सर केमिकल वाली हेयर डाई और मेहंदी का सहारा लेते हैं, लेकिन इससे बाल कुछ समय के लिए तो काले हो जाते हैं लेकिन धीरे-धीरे और ज्यादा कमजोर होकर और अधिक सफेद होने लगते हैं। इसके अलावा इन केमिकल प्रोडक्ट्स से स्कैल्प को भी भारी नुकसान पहुंचता है। अगर आप बिना किसी साइड इफेक्ट के अपने बालों को नेचुरली जड़ से काला करना चाहते हैं, तो आयुर्वेद में कुछ ऐसे असरदार उपाय बताए गए हैं जो आपके बालों की खोई हुई रंगत वापस लौटा सकते हैं। आइए जानते हैं बिना डाई और मेहंदी के सफेद बालों को काला करने के इन बेहतरीन प्राकृतिक तरीकों के बारे में।
आंवला और करी पत्ता का जादुई इस्तेमाल
आयुर्वेद में आंवले को बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना गया है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो मेलेनिन के स्तर को बनाए रखते हैं, जो बालों को काला रखने के लिए जिम्मेदार होता है। दूसरी ओर, करी पत्ता बालों की जड़ों को पोषण देता है। ताजे करी पत्तों को आंवला पाउडर या ताजे आंवले के साथ नारियल के तेल में तब तक पकाएं जब तक तेल काला न हो जाए। इस तेल से नियमित रूप से सिर की मालिश करने से सफेद बाल धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से काले होने लगते हैं।
काले तिल का सेवन और लेप
आयुर्वेद के अनुसार काले तिल का नियमित सेवन बालों को अंदर से पोषण देता है और उन्हें सफेद होने से रोकता है। आप रोज सुबह एक चम्मच काले तिल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, काले तिल को पानी में भिगोकर उसका एक बारीक पेस्ट बना लें और इसे अपने बालों तथा स्कैल्प पर लगाएं। कुछ देर सूखने के बाद बालों को सादे पानी से धो लें। यह नुस्खा समय से पहले सफेद हो रहे बालों को काला करने में बेहद कारगर साबित होता है।
भृंगराज और ब्राह्मी का आयुर्वेदिक लेप
भृंगराज को ‘राज-औषधि’ कहा जाता है जो बालों से जुड़ी हर समस्या का रामबाण इलाज है। यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और उनकी नेचुरल पिगमेंटेशन को बनाए रखने में मदद करता है। भृंगराज और ब्राह्मी के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिलाकर थोड़े से गुनगुने पानी या छाछ के साथ पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों में अच्छी तरह लगाएं और एक घंटे बाद धो लें। इसके नियमित इस्तेमाल से बालों का झड़ना रुकता है और वे घने व काले होने लगते हैं।
आंवला, रीठा और शिकाकाई का प्राकृतिक शैंपू
केमिकल वाले शैंपू का इस्तेमाल करने से भी बाल कमजोर होकर सफेद होने लगते हैं। इसकी जगह घर पर ही आंवला, रीठा और शिकाकाई का प्राकृतिक मिश्रण तैयार करें। इन तीनों को रातभर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह पानी सहित उबालकर छान लें। इस पानी से बालों को धोने से स्कैल्प की डीप सफाई होती है और बालों को प्राकृतिक पोषण मिलता है, जिससे सफेद बालों की समस्या पर लगाम लगती है।
खानपान और जीवनशैली में जरूरी बदलाव
केवल बाहरी नुस्खे अपनाने से ही बाल काले नहीं होते, बल्कि इसके लिए अंदरूनी सेहत का दुरुस्त होना भी जरूरी है। अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, आंवला जूस, अखरोट, बादाम और विटामिन बी-12 से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और तनाव से दूर रहें, क्योंकि मानसिक तनाव भी बालों को समय से पहले सफेद करने का एक बड़ा कारण बनता है।
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