
बरसात के इस सुहाने मौसम में जहां चारों तरफ हरियाली और ठंडक छाई रहती है, वहीं नमी और उमس के कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी पैर पसारने लगती हैं। बारिश के दिनों में कीड़े-मकौड़े और मच्छरों का काटना आम बात है, जिसके कारण शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने या चकत्ते उभर आते हैं। हम अक्सर इन निशानों को सामान्य मच्छर या कीड़े का काटना समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या कोई साधारण क्रीम लगाकर छोड़ देते हैं। लेकिन क्या हो अगर वह मामूली सा दिखने वाला निशान मच्छर का काटना न होकर कोई गंभीर फंगल इन्फेक्शन हो? हाल ही में एक व्यक्ति के साथ ऐसा ही हैरान करने वाला वाकया सामने आया है, जो यह साबित करता है कि मानसून की छोटी-सी लापरवाही भी कितनी भारी पड़ सकती है। आइए जानते हैं इस पूरी घटना और फंगल इन्फेक्शन से जुड़ी जरूरी बातों के बारे में।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई गलतफहमी?
पीड़ित व्यक्ति ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि मानसून की शुरुआत में उसके हाथ पर एक छोटा सा लाल चकत्ता उभर आया था, जिसमें हल्की सी खुजली होती थी। उसने सोचा कि यह किसी मच्छर या साधारण कीड़े के काटने का निशान है, जो कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाएगा। उसने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और घरेलू नुस्खे आजमाता रहा। लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बावजूद वह निशान कम होने के बजाय धीरे-धीरे और बड़ा होने लगा तथा उसके चारों तरफ एक गोल घेरा बनने लगा। जब समस्या असहनीय हो गई और खुजली बढ़ने लगी, तब वह डॉक्टर के पास पहुंचा। डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि जिसे वह दो हफ्ते से मच्छर का काटना समझ रहा था, वह दरअसल एक जिद्दी फंगल इन्फेक्शन (डर्मेटोफाइटोसिस) था।
मानसून में क्यों तेजी से फैलता है फंगल इन्फेक्शन?
डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञों) का कहना है कि मानसून के दौरान हवा में नमी (Humidity) का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा बारिश में भीगने, पसीना सूखने न पाने और कपड़ों में नमी बने रहने के कारण त्वचा पर कवक (Fungi) पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल मिल जाता है। फंगस हमेशा गर्म और नम जगहों पर तेजी से बढ़ता है। यही वजह है कि मानसून के दिनों में जांघों के बीच, उंगलियों के पोरों, गर्दन और कमर के आसपास इस तरह के गोल और खुजली वाले चकत्ते बहुत आम हो जाते हैं, जिन्हें शुरुआत में लोग पहचान नहीं पाते हैं।
मच्छर के काटने और फंगल इन्फेक्शन में अंतर कैसे पहचानें?
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मच्छर का काटना: मच्छर के काटने पर आमतौर पर तुरंत सूजन, तेज खुजली और एक छोटा लाल दाना उभरता है, जो सही देखभाल या बिना किसी इलाज के 2 से 3 दिन में अपने आप ठीक हो जाता है।
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फंगल इन्फेक्शन: यह अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे बढ़ता है। इसके चकत्ते अक्सर गोल (Ringworm की तरह) होते हैं, जिनके किनारों पर लालिमा और पपड़ी जैसी जम जाती है, तथा इसमें लगातार और तेज खुजली बनी रहती है।
इस तरह की लापरवाही से कैसे बचें?
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त्वचा को सूखा रखें: बारिश में भीगने के बाद तुरंत नहाएं और अपने शरीर को साफ तौलिए से अच्छी तरह सुखाएं। गीले कपड़े या जूते ज्यादा देर तक न पहनें।
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ढीले और सूती कपड़े पहनें: मानसून के दिनों में हमेशा सूती (Cotton) और ढीले कपड़े पहनें ताकि हवा का संचार बना रहे और पसीना न रुके।
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खुद से दवाएं न लगाएं: यदि त्वचा पर कोई असामान्य चकत्ता दिखे, तो मेडिकल स्टोर से खुद जाकर कोई भी स्टेरॉयड वाली क्रीम न खरीदें, क्योंकि इससे फंगस और ज्यादा फैल सकता है। हमेशा डॉक्टर की सलाह से एंटीफंगल दवा का इस्तेमाल करें।
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