
उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनाव में हैट्रिक लगाने के मकसद से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने संगठन के स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश में चुनावी कमान संभालने के लिए राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को नया प्रभारी नियुक्त किया है। इसके साथ ही जमीनी पकड़ मजबूत करने के लिए पार्टी ने चार सह-प्रभारियों—जगदीश ईश्वरभाई पटेल, डॉ. मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को भी मैदान में उतारा है।
सोशल इंजीनियरिंग और माइक्रो-मैनेजमेंट पर पूरा जोर
बीजेपी की इस नई चुनावी टीम का गठन जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन को साधने के लिए किया गया है।
गुजरात से आने वाले जगदीश ईश्वरभाई पटेल को टीम में शामिल करके पार्टी ने कुर्मी और पटेल बहुल इलाकों में अपनी स्थिति और मजबूत करने का प्लान बनाया है। वहीं, महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी को महिला मतदाताओं से सीधा संवाद कायम करने और शहरी क्षेत्रों में पार्टी का प्रभाव बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।
झारखंड से राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार-झारखंड सीमा से सटे जिलों में ओबीसी समीकरण साधने तथा माइक्रो-मैनेजमेंट का काम देखेंगे। इसके अलावा, झारखंड के राजमहल से विधायक अनंत ओझा युवा चेहरे के रूप में संगठन और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे।
सपा-कांग्रेस के ‘PDA’ काट और बूथ स्तर की रणनीति
बीजेपी का मुख्य फोकस समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट खोजना है। इसके लिए पार्टी अपने सहयोगी दलों को साधने के साथ-साथ ओबीसी और दलित वर्गों में अपनी पैठ को और गहरा करने पर ध्यान दे रही है।
आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को बूथ और पन्ना प्रमुख स्तर पर चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। हालिया चुनावों से मिले फीडबैक के आधार पर निचले स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि चुनावी रणनीति को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
girls globe