
बिहार विधान परिषद (MLC) के आगामी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। चुनावी रणनीतिकार से पूर्णकालिक राजनेता बने प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने पारंपरिक सियासी समीकरणों को चुनौती देते हुए रविवार, 20 सितंबर 2026 को अपने पांच प्रमुख उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, जन सुराज ने शिक्षक और स्नातक कोटे की महत्वपूर्ण सीटों पर सुशिक्षित, सामाजिक रूप से सक्रिय और जमीन से जुड़े चेहरों को चुनावी अखाड़े में उतारने की रणनीति अपनाई है। इन घोषित पांच सीटों में दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक, सारण शिक्षक, पटना शिक्षक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं, जहां पार्टी लंबे समय से कैडर निर्माण और मतदाता संपर्क अभियान में जुटी हुई थी।
मिथिलांचल की राजनीति के केंद्र माने जाने वाले दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने प्रो. एसपी राय को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया है। दरभंगा शिक्षक सीट को राज्य के शैक्षणिक गलियारों में वैचारिक रूप से बेहद संवेदनशील और प्रतिष्ठित माना जाता है। जन सुराज की कोर कमेटी काफी समय से इस क्षेत्र के माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों और वित्तपोषित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों के वेतनमान, सेवा शर्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठनात्मक जमीन तैयार कर रही थी। एसपी राय के नाम पर अंतिम मुहर लगने के बाद अब इस सीट पर एनडीए (NDA) और महागठबंधन समर्थित शिक्षक संगठनों के बीच त्रिकोणीय और कड़ा मुकाबला तय माना जा रहा है। पार्टी का दावा है कि शिक्षकों की लंबित समस्याओं को लेकर उनका अभियान इस बार निर्णायक साबित होगा।
शिक्षक सीट के साथ-साथ जन सुराज ने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रवींद्र यादव को चुनावी मैदान में उतारकर बड़ा सामाजिक दांव चला है। दरभंगा प्रमंडल के विभिन्न जिलों में फैले शिक्षित बेरोजगार युवाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और विभिन्न पेशों से जुड़े ग्रेजुएट मतदाताओं के बीच रवींद्र यादव की सक्रियता को देखते हुए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि सितंबर की शुरुआत में ही प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. सुरेंद्र प्रसाद राय के जन सुराज में शामिल होने के बाद पार्टी ने इस क्षेत्र में अपने मतदाता पंजीकरण अभियान को काफी तेज कर दिया था। रवींद्र यादव की उम्मीदवारी से स्नातक मतदाताओं के बीच जन सुराज ने स्थानीय स्तर पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
सारण और राजधानी पटना के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी जन सुराज ने बेहद सधे हुए नामों का चयन किया है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी ने एक बार फिर अपने वरिष्ठ नेता अफाक अहमद को टिकट थमाया है। अफाक अहमद का राजनीतिक रिकॉर्ड इस क्षेत्र में काफी मजबूत रहा है और वे पूर्व में भी जन सुराज समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर सारण शिक्षक सीट से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विधान परिषद की दहलीज तक पहुंच चुके हैं। शिक्षकों के बीच उनकी गहरी पैठ और निरंतर जमीनी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। वहीं दूसरी ओर, राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल मानी जाने वाली पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने महिला सशक्तिकरण और शैक्षणिक शुचिता का संदेश देते हुए डॉ. दिव्या ज्योति को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया है।
सीमांचल और कोसी के विस्तृत भूगोल को कवर करने वाले कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने रजनीश रंजन के नाम का आधिकारिक ऐलान किया है। कोसी क्षेत्र के स्नातक मतदाताओं के बीच रोजगार, उच्च शिक्षा के गिरते स्तर और पलायन एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है, जिसे रजनीश रंजन अपने प्रचार अभियान का मुख्य आधार बनाएंगे। गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद में इस बार कुल आठ सीटों पर चुनाव होना है, जिसमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। जन सुराज ने इन आठ में से पांच प्रमुख सीटों पर सबसे पहले अपने पत्ते खोलकर अपने प्रतिद्वंद्वियों राष्ट्रीय जनता दल (RJD), जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने का प्रयास किया है। पार्टी शेष बची तीन सीटों पर भी बहुत जल्द अपने प्रत्याशियों की घोषणा करने की तैयारी कर रही है।
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