पेपर लीक का एक और महाघोटाला! प्रोफेसर ही निकला मुख्य गुनहगार, परीक्षा से ठीक पहले व्हाट्सएप पर बेचे सवाल

देश में परीक्षा प्रणालियों की शुचिता पर एक बार फिर से बेहद गंभीर दाग लग गया है। एक के बाद एक आ रही पेपर लीक की खबरों के बीच अब एक और बड़ी परीक्षा का पेपर लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सबसे ज्यादा हैरान और शर्मसार करने वाली बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार का मास्टरमाइंड कोई बाहरी नकल माफिया नहीं, बल्कि छात्रों को शिक्षा देने वाला एक कॉलेज प्रोफेसर ही निकला है। आरोपी प्रोफेसर ने परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले सभी गोपनीय नियमों को ताक पर रखकर प्रश्नपत्र के सवालों को व्हाट्सएप (WhatsApp) पर कुछ चुनिंदा ग्रुप्स और छात्रों को धड़ल्ले से शेयर कर दिया। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

परीक्षा केंद्र से लीक हुए सवाल और व्हाट्सएप पर मची खलबली

स्थानीय जांच एजेंसियों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह पूरी वारदात परीक्षा शुरू होने के महज कुछ घंटे पहले अंजाम दी गई। आरोपी प्रोफेसर की ड्यूटी परीक्षा पत्र की गोपनीयता बनाए रखने और उसे सुरक्षित सेंटर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी में लगाई गई थी। लेकिन पद का दुरुपयोग करते हुए प्रोफेसर ने स्ट्रांग रूम या सील पैकेट से प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींचीं और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया। परीक्षा शुरू होने के दौरान जब कुछ छात्रों के मोबाइल पर यह सवाल मैच होते पाए गए, तो फ्लाइंग स्क्वाड और स्थानीय पर्यवेक्षकों ने तुरंत इसकी भनक पुलिस को दी। तकनीकी इनपुट और मोबाइल चैट हिस्ट्री की जांच के बाद सीधे प्रोफेसर की संलिप्तता सामने आई और उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया।

पुलिसिया कार्रवाई और आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान

मामला दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तुरंत जाल बिछाया। आरोपी प्रोफेसर के मोबाइल को जब्त कर लिया गया है, जिसमें कई संदिग्ध व्हाट्सएप चैट्स, लेनदेन के डिजिटल सबूत और बैंक अकाउंट डिटेल्स बरामद हुए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इस रैकेट में केवल यह प्रोफेसर ही शामिल नहीं है, बल्कि इसके तार कुछ कोचिंग संचालकों और बिचौलियों से भी जुड़े होने की पूरी आशंका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आरोपी के खिलाफ नए सख्त एंटी-पेपर लीक कानून और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

लाखों छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट, परीक्षा रद्द होने की आशंका

इस ताजा पेपर लीक कांड ने एक बार फिर पूरी परीक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जिन लाखों ईमानदार छात्रों ने दिन-रात एक करके इस परीक्षा की तैयारी की थी, वे अब पूरी तरह से सदमे और गुस्से में हैं। स्थानीय छात्र संगठनों ने इस धांधली के विरोध में उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है और परीक्षा को तुरंत रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने की मांग की है। हालांकि, परीक्षा बोर्ड और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे अभी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि यह लीक कितने बड़े पैमाने पर हुआ था, जिसके बाद ही परीक्षा को रद्द करने या आगामी तारीखों को लेकर कोई अंतिम और आधिकारिक फैसला लिया जाएगा।