
महिलाओं के जीवन में पीरियड्स (मासिक धर्म) का चक्र एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इन दिनों में होने वाला पेट दर्द, ऐंठन, थकान और मूड स्विंग्स अक्सर उन्हें बिस्तर तक सीमित कर देते हैं। ऐसे में फिटनेस को लेकर जागरूक रहने वाली महिलाओं के मन में हमेशा यह सवाल रहता है कि क्या पीरियड्स के दौरान एक्सरसाइज करना सुरक्षित है या नहीं? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फिटनेस ट्रेनर्स का मानना है कि इस दौरान वर्कआउट करना पूरी तरह से सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है, बशर्ते आप सही और हल्के व्यायाम चुनें जो आपके शरीर की ऊर्जा और मूड दोनों को बेहतर बना सकें।
क्या पीरियड्स के दौरान वर्कआउट करना चाहिए या आराम करना बेहतर है?
अक्सर पुरानी मान्यताओं के चलते महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पूरी तरह शारीरिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन आधुनिक विज्ञान और फिटनेस एक्सपर्ट्स इस सोच को बदलते हैं। पीरियड्स के दौरान हल्का व्यायाम करने से शरीर में ‘एंडोर्फिन’ (Endorphins) नामक हैप्पी हॉर्मोन्स रिलीज होते हैं, जो पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द, क्रैम्प्स और मूड स्विंग्स को कम करने में प्राकृतिक दर्द निवारक का काम करते हैं। हालांकि, इस दौरान भारी वजन उठाने या हाई-इम्पइंटेंसिटी वर्कआउट करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और थकान बढ़ सकती है।
पीरियड्स के दौरान कौन-सी एक्सरसाइज करना है सबसे ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद
यदि आप अपने मासिक धर्म के दिनों में भी एक्टिव रहना चाहती हैं, तो आपको अपनी दिनचर्या में कुछ हल्के और आरामदायक व्यायामों को शामिल करना चाहिए:
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योग और स्ट्रेचिंग: पीरियड्स के दौरान योग सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है। बालासन (Child’s Pose), बद्धकोषासन और सुप्त मत्स्येन्द्रासन जैसे योगासन करने से पेट के निचले हिस्से और पीठ की मांसपेशियों को राहत मिलती है।
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लाइट वॉकिंग (हलकी सैर): यदि आप जिम नहीं जाना चाहती हैं, तो ताजी हवा में 15 से 20 मिनट की धीमी वॉक करना भी आपके ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने और ब्लोटिंग को कम करने में मददगार साबित होता है।
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पिलेट्स और लाइट स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: अगर आपका शरीर अनुमति देता है, तो आप बिना वजन या बहुत हल्के स्ट्रेचिंग वाले पिलेट्स कर सकती हैं, जिससे शरीर में लचीलापन बना रहता है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान और कब करें वर्कआउट से तौबा
भले ही एक्सरसाइज करना फायदेमंद है, लेकिन पीरियड्स के हर महिला के शरीर पर अलग-शारीरिक प्रभाव होते हैं। इसलिए अपने शरीर की सुनें और जबरदस्ती करने से बचें। यदि आपको अत्यधिक ब्लीडिंग, चक्कर आना, तेज सिरदर्द या असहनीय पेट दर्द की समस्या है, तो उस दिन वर्कआउट पूरी तरह बंद कर दें और विश्राम करें। इसके अलावा, अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है, इसलिए इन दिनों में पर्याप्त मात्रा में पानी और हेल्दी फ्लूइड्स का सेवन करते रहें ताकि कमजोरी महसूस न हो।
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