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पटना स्नातक MLC सीट पर आ गई वोटों की पूरी डिटेल

बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की सबसे हाई-प्रोफाइल और चर्चित मानी जाने वाली पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी फैसला आ चुका है। शुरुआत से ही मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के आक्रामक तेवरों और बयानों के कारण सुर्खियों में रही इस सीट पर आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने जीत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। वोटों की गिनती पूरी होने के बाद आधिकारिक और राउंडवार आंकड़ों की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो चुकी है। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी जेडीयू, मुख्य विपक्षी दल राजद (RJD), प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी और कांग्रेस उम्मीदवारों के बीच था।

#1 कोटा सिस्टम से तय हुई जीत: चौथे दौर के बाद नीरज कुमार ने हासिल किया निर्णायक मतों का आंकड़ा

पटना स्नातक सीट पर विजेता का फैसला पारंपरिक बहुमत के बजाय वरीयता मतों (Preferential Votes) की कोटा प्रणाली (Quota System) के आधार पर हुआ। कुल पड़े वैध वोटों की संख्या के आधार पर जीत के लिए आवश्यक न्यूनतम कोटा तय किया गया था। जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने शुरुआती दौर से ही बढ़त बनाए रखी। पहले दौर की मतगणना में नीरज कुमार को 2,149 प्रथम वरीयता के वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राजद के उम्मीदवार को 2,041 मत प्राप्त हुए थे। अंतिम राउंड की गिनती और एलिमिनिटरी राउंड की प्रोसेस पूरी होने के बाद नीरज कुमार ने तय न्यूनतम कोटा को सफलतापूर्वक हासिल कर जीत दर्ज की और लगातार चौथी बार एमएलसी बनने का रिकॉर्ड बनाया।

#1 नीरज, दिलीप, अनुज और असदुल्लाह को मिले वोटों का पूरा गणित

मतगणना केंद्र से निकलकर सामने आई अधिकृत रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीदवारों को मिले कुल मतों और उनकी अंतिम रैंकिंग का विवरण कुछ इस प्रकार रहा:

  • नीरज कुमार (JDU – विजेता): प्रथम वरीयता और ट्रांसफर मतों को मिलाकर विजयी कोटा हासिल करते हुए पहले स्थान पर रहे और जीत दर्ज की।

  • दिलीप कुमार पटेल (RJD – उपविजेता): राजद प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने नीरज कुमार को कड़ी टक्कर दी लेकिन कोटे के जादुई आंकड़े से पीछे रह गए।

  • डॉ. अनुज कुमार सिंह (जन सुराज – तीसरा स्थान): मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुले समर्थन के बावजूद जन सुराज उम्मीदवार तीसरे स्थान पर खिसक गए।

  • डॉ. असदुल्लाह खान (कांग्रेस – चौथा स्थान): कांग्रेस के खाते में बेहद कम वोट आए और उनके प्रत्याशी चौथे पायदान पर सिमट गए।

#1 नहीं चला अनंत सिंह का ‘पावर गेम’: बाहुबली के दावों और हवा-हवाई वादों की खुली पोल

इस चुनाव परिणाम ने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह को सबसे बड़ा सियासी झटका दिया है। चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह ने खुलेआम जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की जमानत जब्त कराने और जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह को बंपर वोटों से जिताने का दावा किया था। इस बगावत के कारण जेडीयू ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित भी कर दिया था। हालांकि, जब नतीजे सामने आए तो जनता ने बाहुबल और बयानबाजी के बजाय नीरज कुमार के 18 सालों के संसदीय अनुभव और विकास कार्यों पर अपनी मुहर लगाई। नतीजों के बाद अनंत सिंह ने भी हार स्वीकार करते हुए कहा कि “जनता ही मालिक है और जो जनता चुनेगी वही होगा”।

#1 नीरज कुमार ने रचा इतिहास: 2008 से लगातार जीत की हैट्रिक के बाद चौथी बार बने MLC

अपनी धमाकेदार जीत के बाद जेडीयू कार्यालय पहुंचे नीरज कुमार का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों और एनडीए कार्यकर्ताओं के कड़े परिश्रम को दिया। नीरज कुमार का राजनीतिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। साल 2002 में अपना पहला चुनाव हारने के बाद वे 2008 में पहली बार एमएलसी चुने गए थे। इसके बाद 2014, 2020 और अब 2026 में लगातार चौथी बार इस प्रतिष्ठित सीट पर कब्जा जमाकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि पटना स्नातक क्षेत्र में उनका जनाधार अटूट है।