
बिहार की राजनीति और सामाजिक सेवा के गलियारों में डॉक्टर एनके यादव एक ऐसा नाम बनकर उभरे हैं, जिन्होंने अपनी निष्ठा, कड़े संघर्ष और जनता के प्रति अटूट समर्पण के बल पर एक मिसाल कायम की है। मूल रूप से झारखंड की पावन माटी में जन्मे और पले-बढ़े डॉ. एनके यादव ने दशकों पहले बिहार के ऐतिहासिक शहर भागलपुर को अपनी कर्मभूमि चुना था। एक समर्पित चिकित्सक के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने वाले डॉ. यादव ने न केवल लाखों मरीजों का इलाज कर उनकी जान बचाई, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा को ही अपना परम धर्म बना लिया। उनकी इसी सादगी, ईमानदारी और सुलभता का नतीजा है कि उन्होंने बिहार की सबसे हॉट मानी जाने वाली कोसी स्नातक विधान परिषद सीट से लगातार तीसरी बार जीत हासिल कर स्वर्णिम हैट्रिक लगाई है।
डॉक्टर एनके यादव की जीवन यात्रा बेहद संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रही है। झारखंड के एक साधारण परिवार में जन्मे डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर चिकित्सा के क्षेत्र में कदम रखा। जब वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भागलपुर आए, तो उन्होंने देखा कि कोसी और अंग क्षेत्र के सुदूर ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का भारी अभाव था। उन्होंने भागलपुर में अपना क्लिनिक स्थापित किया और दिन-रात मरीजों की सेवा में जुट गए। उन्होंने कभी गरीब और अमीर में फर्क नहीं किया; कई बार असहाय मरीजों का मुफ्त इलाज किया और दवाइयां भी अपनी जेब से उपलब्ध कराईं। धीरे-धीरे भागलपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों के दिलों में उन्होंने अपनी खास पहचान बना ली और लोग उन्हें केवल एक डॉक्टर नहीं, बल्कि अपना संरक्षक मानने लगे।
बिहार विधान परिषद की कोसी स्नातक सीट राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण और प्रबुद्ध मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाली सीट मानी जाती है। इस क्षेत्र के अंतर्गत कोसी और सीमांचल के कई बड़े जिले शामिल हैं, जहां डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और शिक्षित युवा मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। डॉ. एनके यादव ने जब पहली बार चुनाव मैदान में कदम रखा, तो उनके पास किसी बड़े राजनीतिक घराने का हाथ नहीं था, लेकिन उनके पास हजारों स्नातकों और शिक्षित युवाओं का भरोसा था। अपनी निस्वार्थ जनसेवा और हर वक्त उपलब्ध रहने की शैली के कारण उन्होंने पहली जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार दूसरी तथा हालिया चुनाव में तीसरी बार ऐतिहासिक मतों के अंतर से जीत दर्ज कर कोसी स्नातक सीट पर अपनी मजबूत पकड़ साबित कर दी।
डॉ. एनके यादव की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनका सीधा संवाद और सादगी भरा व्यवहार है। चुनाव जीतने के बाद भी वे एक जनप्रतिनिधि से ज्यादा एक चिकित्सक और मार्गदर्शक की भूमिका में ही नजर आते हैं। भागलपुर स्थित उनके आवास और अस्पताल पर हर दिन सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहता है। एक तरफ जहां वे अपनी स्टेथोस्कोप थामकर मरीजों का परीक्षण करते हैं, वहीं दूसरी तरफ विधान परिषद के पटल पर स्नातक युवाओं के रोजगार, शिक्षकों की समस्याओं और स्वास्थ्य ढांचे में सुधार के लिए पुरजोर आवाज उठाते हैं। कोसी क्षेत्र के स्नातक मतदाताओं का मानना है कि डॉ. यादव जैसा सहज और सुलभ नेता मिलना मुश्किल है, जो बिना किसी दिखावे के हर समय जनता के दुख-दर्द में खड़ा रहता है।
कोसी स्नातक सीट से जीत की हैट्रिक लगाने के बाद डॉ. एनके यादव ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता हमेशा जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास रहेगी। वे कोसी और भागलपुर क्षेत्र में उच्च शिक्षा, तकनीकी संस्थानों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र के युवाओं में असीम प्रतिभा है और वे सरकार से मिलकर स्नातकों के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। डॉ. एनके यादव का यह ऐतिहासिक सफर साबित करता है कि यदि कार्य में सच्चाई और नीयत में साफगोई हो, तो जनता दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने जनसेवक को सिर-आंखों पर बैठाती है।
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