
उत्तर प्रदेश में गोवंश संरक्षण और निराश्रित पशुओं की देखभाल के लिए सरकार की ओर से आर्थिक संसाधन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में गोवंश संरक्षण से जुड़ी योजनाओं, गो-आश्रय स्थलों और पशुओं के भरण-पोषण के लिए बजटीय प्रावधान किए गए हैं। सरकार के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य निराश्रित गोवंश को आश्रय उपलब्ध कराने के साथ किसानों को छुट्टा पशुओं से होने वाले नुकसान से राहत देना भी है।
गोवंश संरक्षण के लिए बजट और बुनियादी ढांचे पर जोर
उत्तर प्रदेश के बजट 2026-27 में निराश्रित गोवंश के रखरखाव के लिए 2,000 करोड़ रुपये और बड़े गो-संरक्षण केंद्रों की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। बजट दस्तावेज के अनुसार, प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि 155 बड़े गो-संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन बताए गए हैं।
पशुपालकों को प्रतिदिन 50 रुपये की सहायता
सरकार की मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत इच्छुक पशुपालकों को गोवंश की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपने की व्यवस्था भी की गई है। बजट दस्तावेज के मुताबिक, 1,13,631 पशुपालकों को 1,81,418 गोवंश दिए गए हैं। इनके भरण-पोषण के लिए प्रतिदिन प्रति गोवंश 50 रुपये की सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने का प्रावधान है।
मंडी परिषद के बजट में बढ़ोतरी का दावा
आपकी मूल हेडलाइन में मंडी परिषद का बजट नौ वर्षों में 15 गुना से अधिक बढ़ने का दावा किया गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में मंडी परिषद के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट और मंडी समितियों की आय के आंकड़े अलग-अलग रूप में दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, वर्ष 2026-27 के लिए मंडी परिषद का स्वीकृत बजट 3,025.49 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि मंडी समितियों की आय वर्ष 2024-25 में 1,991.33 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 2,305.80 करोड़ रुपये दर्ज की गई। ये आंकड़े अपने आप में नौ वर्षों में बजट 15 गुना बढ़ने के दावे की पुष्टि नहीं करते।
गोवंश संरक्षण से किसानों को राहत देने की कोशिश
गोवंश संरक्षण की योजनाओं का एक प्रमुख उद्देश्य निराश्रित पशुओं के लिए आश्रय और भोजन की व्यवस्था करना तथा खेतों में छुट्टा पशुओं से होने वाले नुकसान को कम करना है। हालांकि, इन योजनाओं के प्रभाव का आकलन करने के लिए गो-आश्रय स्थलों की स्थिति, पशुओं की देखभाल पर वास्तविक खर्च और किसानों को मिलने वाली राहत के आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं।
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