
भारत में मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। देश में बढ़ते साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन पेपर लीक और अवैध पाइरेसी नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए केंद्र सरकार ने एक साथ बड़ा डिजिटल एक्शन लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 4,996 संदिग्ध टेलीग्राम चैनल्स और 1,263 अनधिकृत वेबसाइटों को देश भर में रातोंरात ब्लॉक कर दिया है। सरकार के इस कड़े कदम से टेलीग्राम पर सक्रिय अवैध सिंडिकेट्स में हड़कंप मच गया है, वहीं आम यूजर्स के मन में सुरक्षा और अपने पसंदीदा चैनल्स को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं।
साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड पर बड़ी स्ट्राइक: क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
सरकार द्वारा की गई इस व्यापक कार्रवाई के पीछे सबसे मुख्य कारण देश भर में तेजी से फैल रहा साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी का जाल है। जांच एजेंसियों को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि टेलीग्राम ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर पार्ट-टाइम जॉब स्कैम, टास्क-बेस्ड ऑनलाइन अर्निंग फ्रॉड, शेयर बाजार में भारी मुनाफे के नाम पर फर्जी ट्रेडिंग और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर आम जनता से करोड़ों रुपये ठगे जा रहे हैं।
इसके अलावा कई फर्जी टेलीग्राम चैनल्स पर प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, UPSC, SSC, रेलवे और राज्यस्तरीय भर्ती परीक्षाओं) के जाली पेपर बेचने का लालच देकर छात्रों से पैसे ऐंठने का धंधा चलाया जा रहा था। कई चैनल्स पर बॉलीवुड फिल्मों, ओटीटी सीरीज और सशुल्क अध्ययन सामग्री (Paid Study Material) की अवैध पाइरेसी भी धड़ल्ले से की जा रही थी। साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने जब इन धोखाधड़ी के नेटवर्क की गहराई से जांच की, तो पता चला कि हजारों की संख्या में फर्जी वेबसाइट्स और टेलीग्राम चैनल्स एक साथ जुड़े हुए हैं, जो सीधे तौर पर संगठित साइबर अपराधियों द्वारा संचालित हो रहे थे।
आईटी एक्ट की धारा 69A का इस्तेमाल: MeitY और I4C की साझा कार्रवाई
केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) को लगातार आम नागरिकों से इन चैनल्स और यूआरएल (URLs) के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। तकनीकी फॉरेंसिक जांच में यह बात प्रमाणित होने के बाद कि ये चैनल्स और वेबसाइट्स भारतीय नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बन चुके हैं, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), 2000 की धारा 69A का प्रयोग किया गया।
धारा 69A के तहत केंद्र सरकार को यह अधिकार प्राप्त है कि वह भारत की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में किसी भी डिजिटल सामग्री, वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल को ब्लॉक करने का आदेश दे सकती है। MeitY ने इस आदेश पर तुरंत अमल करते हुए सभी प्रमुख टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को इन 1,263 डोमेन/वेबसाइटों को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने और टेलीग्राम प्रबंधन को 4,996 अवैध चैनल्स व ग्रुप्स को हटाने के कड़े निर्देश दिए।
टेलीग्राम क्यों बना साइबर ठगों और अवैध नेटवर्क का नया अड्डा?
मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम अपनी एडवांस प्राइवेसी और बड़े ग्रुप साइज के कारण दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन यही खूबियां अब साइबर अपराधियों का ढाल बन चुकी हैं। टेलीग्राम पर एक ही ग्रुप या चैनल में 2 लाख या उससे अधिक मेंबर्स जोड़े जा सकते हैं, जबकि व्हाट्सएप में यह सीमा काफी कम होती है। इसके अलावा टेलीग्राम पर 2 गीगाबाइट (2GB) तक की बड़ी फाइलें आसानी से शेयर की जा सकती हैं, जिससे पाइरेटेड फिल्में, सॉफ्टवेयर और बुक्स बांटना आसान हो जाता है।
टेलीग्राम की सबसे बड़ी चुनौती इसकी पहचान छिपाने की सुविधा (Anonymity) है। फर्जी सिम कार्ड और वर्चुअल नंबरों के आधार पर बने अकाउंट्स के जरिए ठग अपनी असली पहचान और आईपी एड्रेस छिपाकर चैनल्स संचालित करते हैं। जब तक कोई यूजर ठगी का शिकार होकर शिकायत दर्ज कराता है, तब तक साइबर अपराधी अपने चैनल्स का नाम बदलकर या नया ग्रुप बनाकर अपना ठिकाना बदल लेते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियों ने इस बार केवल एकाध चैनल पर नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क पर एक साथ सर्जिकल स्ट्राइक की है।
आम टेलीग्राम यूजर्स पर क्या पड़ेगा इसका सीधा असर?
सरकार की इस सख्त कार्रवाई के बाद आम टेलीग्राम उपयोगकर्ताओं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में टेलीग्राम ऐप पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और न ही वैध काम-काज, पढ़ाई, समाचार या सामान्य व्यक्तिगत बातचीत के लिए टेलीग्राम का इस्तेमाल करने वाले आम यूजर्स के अकाउंट्स पर कोई असर पड़ेगा।
हालांकि, यदि आप किसी ऐसे टेलीग्राम चैनल के सदस्य थे जो मुफ्त फिल्में डाउनलोड करने, सशुल्क कोर्स को मुफ्त में बांटने, शेयर बाजार में गारंटीड रिटर्न का वादा करने या परीक्षाओं के पेपर देने का दावा करता था, तो आपको वह चैनल अब अपनी चैट लिस्ट में नहीं दिखेगा या ‘This channel is blocked due to legal violation’ का मैसेज नजर आएगा। इसके साथ ही, यदि कोई यूजर जानबूझकर अवैध गतिविधियों, चाइल्ड अब्यूज कंटेंट या वित्तीय धोखाधड़ी वाले ग्रुप्स को बढ़ावा देता है, तो उसका व्यक्तिगत टेलीग्राम अकाउंट भी हमेशा के लिए बैन किया जा सकता है।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सरकारी सेफ्टी टिप्स और 1930 हेल्पलाइन
डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने के लिए गृह मंत्रालय और साइबर पुलिस ने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे टेलीग्राम पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संस्था द्वारा दिए जाने वाले ‘वर्क फ्रॉम होम’ या पार्ट-टाइम जॉब के लुभावने ऑफर्स पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
अगर आपके साथ किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी या वित्तीय ठगी होती है, तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा आप केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाकर भी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। अपने मोबाइल कनेक्शन और सिम कार्ड की प्रामाणिकता जांचने के लिए सरकार के ‘संचार साथी’ (Sanchar Saathi) और ‘चक्षु’ (Chakshu) पोर्टल का उपयोग करें, ताकि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की समय रहते शिकायत की जा सके।
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