
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल ने कई राज्यों में भयंकर तबाही मचा रखी है। देश के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से पंगु बना दिया है। असम की उफनती नदियों, केरल के पहाड़ों में हो रहे जानलेवा भूस्खलन और गुजरात में शहरी जलप्रलय के कारण हालात बेहद भयावह रूप ले चुके हैं। आधिकारिक आंकड़ों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारियों के अनुसार, बीते कुछ दिनों के भीतर बारिश, बाढ़, बिजली गिरने और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की असमयिक मौत हो चुकी है। लाखों लोग अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों में अगले 48 से 72 घंटों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है।
असम में ब्रह्मपुत्र का रौद्र रूप: 20 से अधिक जिले जलमग्न, लाखों लोग बेघर
पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख राज्य असम इस समय इस सदी की सबसे भीषण बाढ़ त्रासदियों में से एक का सामना कर रहा है। राज्य की जीवनरेखा कही जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी अपने सभी प्रमुख सहायक नदियों—जैसे सुबनसिरी, कोपिली, दिहांग और मानस—के साथ खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। धुबरी, कोकराझार, बारपेटा, नगांव, कामरूप ग्रामीण और बोंगाईगांव सहित 20 से अधिक जिले पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक बड़ा हिस्सा जलमग्न हो चुका है, जिससे दुर्लभ एक सींग वाले गैंडों और अन्य वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
बाढ़ के कारण राज्य के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। सैकड़ों सड़कें कट चुकी हैं, पुल बह गए हैं और कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह टूट गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और भारतीय सेना की टुकड़ियां रात-दिन राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। नावों और हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है और भोजन तथा पेयजल सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
केरल में भूस्खलन का खौफ: वायनाड और इडुक्की में गिरी चट्टानें, उफान पर नदियां
दक्षिण भारत के खूबसूरत राज्य केरल में मानसूनी बारिश अब विनाश का कारण बन गई है। विशेष रूप से पहाड़ी जिलों जैसे वायनाड, इडुक्की, कोझिकोड और कासरगोड में भूस्खलन और भू-धंसाव की घटनाओं ने कोहराम मचा रखा है। लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ियों से मलबा और विशाल चट्टानें ढहकर रिहायशी इलाकों में आ गिरी हैं, जिससे कई घर मलबे में तब्दील हो गए हैं। नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि के कारण प्रमुख बांधों के फाटक खोलने पड़े हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक गहरा गया है।
तटीय इलाकों में समुद्र की ऊंची लहरें और तेज हवाएं स्थिति को और विकराल बना रही हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। कासरगोड और कन्नूर जिलों में बारिश से हुए हादसों में कई लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। जिला प्रशासनों ने संवेदनशील इलाकों में रह रहे परिवारों को तुरंत राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया है और सभी शैक्षणिक संस्थानों में एहतियातन छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
गुजरात में जलप्रलय: सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में डूबे शहर, थमी जिंदगी
पश्चिम भारत के गुजरात राज्य में मानसून का विकराल रूप देखने को मिल रहा है। सौराष्ट्र, कच्छ और दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी, जूनागढ़ और जामनगर जिलों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में 24 घंटे के भीतर 20 से 30 सेंटीमीटर तक बारिश होने से नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। निचले इलाकों में स्थित रिहायशी कॉलोनियों में 4 से 6 फीट तक पानी भर गया है, जिससे हजारों गाड़ियां पानी में तैरती नजर आ रही हैं और बत्ती गुल होने से बिजली व्यवस्था ठप हो गई है।
राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य के अंदरूनी संपर्क मार्गों पर पानी भर जाने से अंतर-शहर बस सेवाएं और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। एनडीआरएफ के साथ-साथ भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से छतों और जलमग्न मकानों में फंसे लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है और प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आपातकालीन फंड जारी कर दिए गए हैं।
आज के मौसम का हाल: किन-किन राज्यों में मंडरा रहा है भारी बारिश का खतरा?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून की द्रोणिका (Monsoon Trough) और मध्य भारत के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण आज भी देश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा:
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पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश): असम और मेघालय में आज अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
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दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु): केरल के तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
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पश्चिम और मध्य भारत (गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य प्रदेश): गुजरात क्षेत्र, कोंकण और गोवा तथा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में आज भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का जोखिम बना हुआ है।
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उत्तर भारत (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, यूपी, दिल्ली): पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल फटने और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।
सुरक्षा एडवाइजरी और आपदा प्रबंधन के कड़े इंतजाम
मौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनती नदियों और भूस्खलन-संभावित पहाड़ी ढलानों से दूर रहें। यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी का पालन करना अनिवार्य है। आपातकालीन स्थिति में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। सरकार का मुख्य ध्यान इस समय प्रभावित इलाकों में महामारी को फैलने से रोकने के लिए स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और चिकित्सा टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर टिका हुआ है।
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