जापान, साउथ कोरिया और फ्रांस में ‘क्लीन’ है हाई-स्पीड ट्रेन का रिकॉर्ड

दुनिया भर में हाई-स्पीड ट्रेनों (बुलेट ट्रेनों) का जाल तेजी से बिछ रहा है। समय की बचत और आधुनिक सुविधाओं के कारण रोजाना करोड़ों लोग इनमें सफर करते हैं। जब बात सुरक्षा और विश्वसनीयता की आती है, तो जापान की ‘शिंकानसेन’ (Shinkansen), फ्रांस की ‘टीजीवी’ (TGV) और साउथ कोरिया की ‘केटीएक्स’ (KTX) का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। इन तीनों देशों ने दशकों के अपने परिचालन में ऐसा रिकॉर्ड बनाया है कि आज तक हाई-स्पीड ट्रैक पर ट्रेन की टक्कर या पटरी से उतरने (Derailment) के कारण किसी एक भी यात्री की जान नहीं गई है। लेकिन इसके विपरीत, दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां हाई-स्पीड रेल नेटवर्क पर कई भयानक हादसों में सैकड़ों बेकसूर यात्री अपनी जान गंवा चुके हैं।

#1 जापान, फ्रांस और साउथ कोरिया के ‘जीरो-फेटालिटी’ सुरक्षा रिकॉर्ड का राज

जापान ने साल 1964 में दुनिया की पहली बुलेट ट्रेन ‘शिंकानसेन’ चलाकर इतिहास रचा था। पिछले 60 से अधिक वर्षों में अरबों लोगों को मंजिल तक पहुंचाने वाली शिंकानसेन का रिकॉर्ड पूरी तरह बेदाग रहा है। जापान का ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल (ATC) और अर्ली वार्निंग सिग्नल्स भूकंप या तेज आंधी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के आते ही ट्रेन को कुछ ही सेकंड में रोक देते हैं।

ठीक इसी तरह, फ्रांस की प्रसिद्ध TGV (ट्रेन आ ग्रांद वीतेस) ने 1981 से हाई-स्पीड सर्विस शुरू की थी। फ्रांस की टीजीवी का कमर्शियल संचालन में हाई-स्पीड पटरियों पर शून्य यात्री मृत्यु का शानदार रिकॉर्ड है। वहीं दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया की ‘केटीएक्स’ (KTX) ने 2004 से अपनी सेवाएं शुरू कीं और सख्त रखरखाव मानकों व सेंसर तकनीक के कारण इसका सेफ्टी रिकॉर्ड भी एकदम क्लीन रहा है।

#1 दुनिया की हाई-स्पीड ट्रेनों में सबसे ज्यादा मौतें किस देश में हुईं?

हाई-स्पीड रेल नेटवर्क (200 किमी/घंटा या उससे अधिक रफ्तार वाली ट्रेनों) में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज करने वाले दो प्रमुख देश जर्मनी और चीन हैं:

  • जर्मनी (एशेड हादसा – 1998): यूरोपीय हाई-स्पीड रेल इतिहास का सबसे भीषण और भयावह हादसा 3 जून 1998 को जर्मनी के एशेड (Eschede) में हुआ था। जर्मन ICE 1 हाई-स्पीड ट्रेन लगभग 200 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी, तभी पहिए में आई यांत्रिक खराबी के कारण ट्रेन पटरी से उतर गई और एक कंक्रीट ओवरपास ब्रिज से जा टकराई। इस दर्दनाक हादसे में 101 लोगों की मौत हो गई थी और 80 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे।

  • चीन (वेनझोउ हादसा – 2011): दुनिया का सबसे बड़ा और लंबा हाई-स्पीड नेटवर्क रखने वाले चीन में 23 जुलाई 2011 को एक बड़ा हादसा हुआ था। झेजियांग प्रांत के वेनझोउ (Wenzhou) में सिग्नलों की विफलता और आकाशीय बिजली गिरने के कारण एक हाई-स्पीड ट्रेन रुक गई थी, जिसे पीछे से आ रही दूसरी तेज़ रफ्तार हाई-स्पीड ट्रेन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में 40 यात्रियों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

#1 स्पेन और स्पेनिश नेटवर्क के दर्दनाक हादसे

हाल के वर्षों में स्पेन का हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क भी सुरक्षा चिंताओं के कारण सुर्खियों में रहा है। यद्यपि 2013 में सैंटियागो डी कंपोस्टेला में हुआ भयावह हादसा (जिसमें 80 लोगों की मौत हुई थी) एक पारंपरिक अपग्रेडेड लाइन पर ओवरस्पीडिंग के कारण हुआ था, लेकिन इसके बाद भी हाई-स्पीड कॉरिडोर पर कई बार सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। हादसों के आंकड़ों को देखा जाए तो एकल ट्रेन दुर्घटना (Single High-Speed Train Disaster) के मामले में सबसे ज्यादा मौतें जर्मनी के खाते में दर्ज हैं।