जब किशोर कुमार ने बीच में छोड़ दिया था माइक: फिर गाया ऐसा दर्द भरा गाना कि रच दिया इतिहास, जानें दिलचस्प किस्सा

भारतीय संगीत जगत में लेजेंडरी गायक किशोर कुमार का नाम एक ऐसे फनकार के रूप में अमर है, जो अपनी सुरीली आवाज और अनूठे अंदाज से किसी भी गाने में जान फूंक देते थे। उनके गाए गीतों का जादू आज भी श्रोताओं के दिलों पर राज करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके करियर में एक ऐसा भी दिलचस्प वाकया आया था, जब उन्होंने रिकॉर्डिंग के बीच में ही माइक छोड़ दिया था और संगीतकार से धुन बदलने की जिद की थी? हालांकि, बाद में उसी गाने ने हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा मुकाम हासिल किया, जिसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।

जब धीमी धुन से नाखुश होकर किशोर कुमार ने रुकवा दी थी रिकॉर्डिंग

यह किस्सा साल 1980 में रिलीज हुई फिल्म ‘थोड़ी सी बेवफाई’ का है। इस फिल्म के लिए हिंदी सिनेमा के सबसे दर्दभरे और सदाबहार गानों में से एक ‘हजार राहें मुड़ के देखीं’ रिकॉर्ड किया जा रहा था। इस गाने को दिग्गज संगीतकार खय्याम साहब ने कंपोज किया था और इसके जादुई बोल मशहूर गीतकार गुलजार ने लिखे थे। जब खय्याम साहब इस गाने की धीमी धुन पर काम कर रहे थे, तब किशोर कुमार ने अपनी राय रखते हुए कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इतनी धीमी धुन को दर्शक पसंद करेंगे। उन्होंने संगीतकार से अनुरोध किया कि इस धुन को थोड़ा तेज कर दिया जाए।

अपनी ही जिद छोड़कर जब किशोर दा ने ओरिजनल धुन पर गाया गाना

शुरुआत में धुन बदलने के बाद जब किशोर कुमार माइक के सामने गाने पहुंचे, तो उन्हें खुद यह महसूस हुआ कि जो बात उस धीमी धुन में थी, वह इस बदलाव के बाद गायब हो चुकी है। बिना किसी संकोच के उन्होंने बीच रिकॉर्डिंग में ही गाना रोक दिया और तुरंत खय्याम तथा गुलजार के पास वापस लौट आए। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि इस गाने की मूल यानी धीमी धुन ही सबसे परफेक्ट है और अब वह उसकी गहराई को समझ पा रहे हैं। इसके बाद इस गाने को खय्याम साहब की ओरिजनल और स्लो ट्यून पर ही रिकॉर्ड किया गया।

जब इस गाने ने जीत लिए सभी के दिल और झोली में डाले बड़े अवॉर्ड्स

जब यह गाना रिलीज हुआ, तो इसने श्रोताओं के दिलों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। किशोर कुमार का दर्द, खय्याम का रूहानी संगीत और गुलजार के शानदार अल्फाज मिलकर एक ऐसा शाहकार बन गए, जो आज भी हर दिल की टूटन का मरहम माना जाता है। इस सुपरहिट गाने की बदौलत किशोर कुमार को सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक (बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर) का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जबकि गुलजार साहब को बेस्ट लिरिसिस्ट के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इतना ही नहीं, फिल्म के लीड एक्टर राजेश खन्ना को भी इस संगीत की सफलता से जबरदस्त कमबैक और बड़ी सक्सेस हासिल हुई थी।