
रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार हमारे हाथ या पैर अचानक सुन्न पड़ जाते हैं या उनमें अजीब सी झनझनाहट होने लगती है। आम तौर पर लोग इसे बहुत हल्के में लेते हैं और यह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या सोने के कारण कोई नस दब गई होगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटी सी लगने वाली समस्या आपके शरीर के भीतर पनप रही किसी बड़ी और गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और न्यूरोलॉजिस्ट्स के अनुसार, यदि आपके हाथ-पैर बार-बार सुन्न हो रहे हैं, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह शरीर के नर्वस सिस्टम या किसी अंदरूनी बीमारी की ओर इशारा करता है।
क्यों सुन्न पड़ जाते हैं हाथ और पैर और इसके सामान्य कारण
जब हमारे शरीर के किसी हिस्से में रक्त का संचार यानी ब्लड सर्कुलेशन अस्थायी रूप से बाधित होता है, तो वहां की नसें कुछ समय के लिए सुस्त हो जाती हैं जिसे हम नसों का दबना कहते हैं। अक्सर गलत तरीके से उठने-बैठने, टाइट कपड़े पहनने या डेस्क जॉब के दौरान लगातार घंटों तक एक ही मुद्रा में काम करने से यह समस्या आम तौर पर सामने आती है। लेकिन जब यह स्थिति दिन में कई बार या बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार होने लगे, तो यह इस बात का संकेत है कि मामला सिर्फ सामान्य सुस्ती का नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई चिकित्सकीय कारण छिपा हो सकता है।
कौन-सी गंभीर बीमारियां बन सकती हैं हाथ-पैर सुन्न होने की मुख्य वजह
यदि आपके हाथ और पैर लगातार सुन्न हो रहे हैं, तो इसके पीछे निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं:
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विटामिन की भारी कमी: शरीर में विटामिन बी12 (Vitamin B12) और विटामिन डी की कमी होने पर नसों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे हाथों और पैरों में सुन्नपन और कमजोरी आने लगती है।
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डायबिटीज (मधुमेह): हाई ब्लड शुगर लेवल लंबे समय तक रहने पर नसों को नुकसान पहुंचाता है, जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहा जाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में पैरों और हाथों का सुन्न होना या सुई चुभने जैसा अहसास होना शामिल है।
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स्पाइनल कॉर्ड या सर्वाइकल की समस्या: गर्दन या रीढ़ की हड्डी में किसी नस के दबने (Cervical Spondylosis) या हर्नियेटेड डिस्क के कारण भी हाथ-पैरों तक जाने वाले संकेत बाधित होते हैं।
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कारपेल टनल सिंड्रोम: लगातार कंप्यूटर टाइपिंग या कलाई पर ज्यादा जोर पड़ने से कलाई की नस दब जाती है, जिससे हथेलियों और उंगलियों में सुन्नपन और दर्द बना रहता है।
कब पहुंचना चाहिए डॉक्टर के पास और किन बातों का रखें ध्यान
यदि आपके हाथ-पैर सुन्न होने की समस्या के साथ-साथ चक्कर आना, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होना, संतुलन बिगड़ना या बोलने में कठिनाई जैसी समस्याएं भी हो रही हैं, तो यह किसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर या स्ट्रोक का भी संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अपने खान-पान में पौष्टिक तत्वों को शामिल करें, नियमित रूप से हल्की स्ट्रेचिंग और व्यायाम करें और शरीर में पानी की कमी न होने दें ताकि नसों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे।
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