
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों में महिलाओं के पास हुनर है, उत्पाद हैं और मेहनत है। डबल इंजन सरकार इन उत्पादों को बाजार, तकनीक और वैश्विक मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से कृषि एवं बागवानी उत्पादों का मूल्य संवर्धन होने के साथ ही किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गांव का उत्पाद गांव तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी पहुंच देश और दुनिया के बाजारों तक हो। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि UPITS-2026 उत्तर प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बना है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इस आयोजन में कुल 16 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनकी कुल राशि लगभग 50,000 अमेरिकी डॉलर है। इन समझौतों से प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों एवं उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने तथा निर्यात के नए अवसर विकसित करने में सहायता मिलेगी।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023, PMFME सहित विभागीय योजनाओं, निवेश संभावनाओं, आधुनिक प्रसंस्करण तकनीक, उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री राज कमल यादव, IAS तथा श्री बी.एल. मीना, IAS द्वारा योजनाओं एवं नीतिगत प्रावधानों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। विशेषज्ञों द्वारा भी खाद्य प्रसंस्करण, उद्यमिता एवं आधुनिक तकनीकों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
श्री मौर्य उत्तर प्रदेश अब ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसान की उपज का मूल्य बढ़े, गांव की महिलाओं की मेहनत को बाजार मिले, युवाओं को रोजगार मिले और उत्तर प्रदेश के उत्पादों की पहचान विश्व स्तर पर बने। यही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की दिशा में डबल इंजन सरकार का संकल्प है।
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