अंग्रेजी में क्यों बात कर रहे हो? भारतीय सेना के खौफ से आपा खो बैठे पाकिस्तानी जनरल

भारतीय सेना की जांबाजी और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की सफलता ने सरहद पार पाकिस्तान में ऐसा हड़कंप मचाया है कि वहां के सैन्य अधिकारी अपना मानसिक संतुलन खोते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सेना के एक जनरल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने ही पत्रकारों पर बुरी तरह भड़कते दिख रहे हैं। जनरल की झुंझलाहट का आलम यह था कि उन्होंने बीच में टोकते हुए पत्रकार से सवाल पूछ लिया “तुम अंग्रेजी में क्यों बात कर रहे हो?” इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की भारी किरकिरी करा दी है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की चोट से तिलमिलाया पाकिस्तान

दरअसल, भारतीय सेना ने हाल ही में सीमा पार एक गुप्त और सटीक सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन में आतंकियों के कई लॉन्च पैड तबाह किए जाने की खबर है। भारतीय सेना की इस बड़ी कामयाबी के बाद पाकिस्तान सेना सफाई देने के लिए प्रेस के सामने आई थी। लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने ऑपरेशन की विफलता और सुरक्षा में चूक पर अंग्रेजी में सवाल पूछने शुरू किए, पाकिस्तानी जनरल अपना आपा खो बैठे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जनरल साहब सवालों का जवाब देने के बजाय भाषा की मर्यादा और देशभक्ति का पाठ पढ़ाने लगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाई वोल्टेज ड्रामा, सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक

वायरल क्लिप में दिख रहा है कि एक पत्रकार ने जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तकनीकी पहलुओं पर अंग्रेजी में सवाल पूछा, तो जनरल ने उसे बीच में ही रोक दिया। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा, “हम पाकिस्तान में हैं, यहां उर्दू में बात करो। अंग्रेजी झाड़ने की जरूरत नहीं है।” रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल की यह प्रतिक्रिया सवालों से बचने का एक बहाना मात्र थी। सोशल मीडिया पर लोग इसे पाकिस्तान की ‘झेंप’ बता रहे हैं। भारतीय यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान की बोलती बंद कर दी है और अब उन्हें अंग्रेजी से भी डर लगने लगा है।

क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जिसने पाक सेना की नींद उड़ाई?

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने पाकिस्तान के छद्म युद्ध (Proxy War) की कमर तोड़ दी है। सूत्रों के मुताबिक, यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि पाकिस्तानी रडार और निगरानी तंत्र को भनक तक नहीं लगी। इस ऑपरेशन की सफलता ने भारत की ‘प्रोएक्टिव डिफेंस’ नीति को एक बार फिर साबित कर दिया है। इसी सैन्य शिकस्त का दबाव अब पाकिस्तानी जनरल के व्यवहार में साफ झलक रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि भाषा पर विवाद खड़ा करना असल में अपनी नाकामी को छिपाने की एक नाकाम कोशिश है।