जब पर्दे पर विलेन ही बन गया असली हीरो, डर से लेकर अग्निपथ तक, खलनायकों ने लूटी पूरी महफिल

भारतीय सिनेमा में सालों से एक तय फॉर्मूला चला आ रहा था, जहां फिल्म का हीरो हमेशा नेकी की राह पर चलता था और अंत में बुराई के प्रतीक यानी विलेन का खात्मा करता था। लेकिन बॉलीवुड के इतिहास में कुछ ऐसी फिल्में भी बनीं, जिन्होंने इस बने-बनाए ढर्रे को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। इन फिल्मों में विलेन का किरदार इतना दमदार, खूंखार और प्रभावशाली ढंग से लिखा गया कि वह फिल्म के मुख्य नायक (Hero) पर भी भारी पड़ गया।

सिनेमाघरों में दर्शकों ने हीरो से ज्यादा विलेन के एंट्री सीन, उनकी एक्टिंग और डायलॉग्स पर सीटियां और तालियां बजाईं। इन किरदारों ने विलेन की परिभाषा को हमेशा के लिए बदल दिया। आइए नजर डालते हैं बॉलीवुड की उन 5 कल्ट फिल्मों पर जहां खलनायक ही फिल्म का असली हीरो साबित हुआ।

1. डर (Darr – 1993)

यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘डर’ में सनी देओल मुख्य हीरो की भूमिका में थे, लेकिन आज भी इस फिल्म को शाहरुख खान के जूनून, पागलपन और उनके आइकॉनिक डायलॉग “क-क-क किरण” के लिए याद किया जाता है। शाहरुख खान ने फिल्म में ‘राहुल मेहरा’ नाम के एक साइको लवर (Obsessive Lover) का नेगेटिव किरदार निभाया था। यह किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। पर्दे पर उनकी बेमिसाल और खूंखार अदाकारी ने दर्शकों को डराया भी और उनका दिल भी जीता, जिसके चलते वह फिल्म के असली स्टार बनकर उभरे।

2. अग्निपथ (Agneepath – 2012)

साल 1990 में आई अमिताभ बच्चन की मूल फिल्म की इस रीमेक में ऋतिक रोशन ने ‘विजय दीनानाथ चौहान’ का मुख्य किरदार निभाया था। लेकिन फिल्म के रिलीज होते ही जिस किरदार ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था संजय दत्त का निभाया हुआ ‘कांचा चीना’। सिर मुंडवाए, बिना भौंहों के और आंखों में क्रूरता लिए संजय दत्त का यह लुक और उनकी डरावनी मुस्कान पर्दे पर इतनी खौफनाक लगी कि ऋतिक रोशन जैसा बड़ा स्टार भी उनके सामने फीका नजर आने लगा। संजय दत्त की इस एक्टिंग ने कांचा चीना को बॉलीवुड के इतिहास के सबसे क्रूर विलेन की लिस्ट में शामिल कर दिया।

3. पद्मावत (Padmaavat – 2018)

संजय लीला भंसाली की इस भव्य पीरियड ड्रामा फिल्म में शाहिद कपूर ने राजा रतन सिंह का बेहद शालीन और नायक वाला किरदार निभाया था। इसके बावजूद, फिल्म की पूरी लाइमलाइट रणवीर सिंह लूट ले गए। रणवीर सिंह ने दिल्ली सल्तनत के क्रूर शासक ‘अलाउद्दीन खिलजी’ के किरदार को पर्दे पर जीवंत कर दिया था। उनके सनकीपन, आक्रामक बॉडी लैंग्वेज और खूंखार अंदाज को दर्शकों ने इस कदर पसंद किया कि पूरी फिल्म उनके इर्द-गिर्द घूमती नजर आई। इस रोल के लिए रणवीर सिंह को चौतरफा तारीफें मिलीं।

4. ओमकारा (Omkara – 2006)

विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओमकारा’ शेक्सपियर के नाटक ‘ओथेलो’ पर आधारित थी। फिल्म में अजय देवगन ने मुख्य और दमदार किरदार निभाया था, लेकिन सैफ अली खान के करियर की सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस इसी फिल्म में देखने को मिली। सैफ ने फिल्म में लंगड़ा त्यागी (Langda Tyagi) नाम के एक बेहद शातिर, ईर्ष्यालु और धोखेबाज विलेन का रोल प्ले किया था। उनके बोलने का लहजा, कटी हुई दाढ़ी और चाल-ढाल ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया। सैफ अली खान का यह नेगेटिव रोल फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) साबित हुआ।

5. शोले (Sholay – 1975)

भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन जैसे उस दौर के सबसे बड़े सुपरस्टार्स हीरो की भूमिका में थे। लेकिन इस फिल्म की जान जो किरदार बना, वह था अमजद खान का निभाया हुआ ‘गब्बर सिंह’। गब्बर सिंह का किरदार इतना कल्ट और लोकप्रिय हुआ कि फिल्म के हीरो से ज्यादा लोग गब्बर के डायलॉग्स आज भी दोहराते हैं। अमजद खान ने अपने पहले ही बड़े रोल से विलेन की एक ऐसी लकीर खींच दी, जिसे आज तक कोई पार नहीं कर पाया है।