
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के ऊपर सक्रिय मानसूनी ट्रफ रेखा और बंगाल की खाड़ी के पास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) के कारण अगले कुछ घंटों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी राज्यों के 10 से अधिक राज्यों में मध्यम से भारी बारिश (Heavy Rainfall) का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।
राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद—में पिछले दो दिनों की उमस भरी गर्मी के बाद मौसम का मिजाज बदलने वाला है:
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येलो अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले 24 से 36 घंटों के लिए रुक-रुक कर मध्यम से तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
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तापमान में गिरावट: बारिश और ठंडी हवाओं के असर से दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास आ जाएगा।
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जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका: निचले इलाकों में पानी भरने और व्यस्ततम घंटों (Peak Traffic Hours) में सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसमी गतिविधियों का असर इस प्रकार देखने को मिलेगा:
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उत्तर प्रदेश (UP): पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद में बादलों की आवाजाही के साथ मध्यम से भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। तराई के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strike) को लेकर विशेष चेतावनी दी गई है।
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बिहार: राजधानी पटना, गया, भागलपुर और सीमांचल के क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। कई जिलों में आंधी और बिजली गिरने के साथ मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। किसानों और आम लोगों को खुले में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना हुआ है। देहरादून, नैनीताल, चमोली, शिमला और मंडी में संवेदनशील रूटों पर पर्यटकों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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राजस्थान और मध्य प्रदेश: पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, भरतपुर) और मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर व इंदौर संभागों में गरज-चमक के साथ जोरदार बारिश का अनुमान है।
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महाराष्ट्र और गुजरात: तटीय कोंकण, मुंबई और दक्षिण गुजरात में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सीजन के अंतिम चरण में यह सक्रियता दो प्रमुख मौसमी प्रणालियों (Synoptic Systems) के संयोजन का परिणाम है:
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मानसून ट्रफ की सामान्य स्थिति: मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रही है, जिससे मैदानी इलाकों में नमी वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं लगातार प्रवेश कर रही हैं।
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लो-प्रेशर सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र): मध्य भारत और बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती भागों में बना चक्रवाती घेरा अरब सागर से आने वाली नमी को खींच रहा है, जिससे मैदानी राज्यों में बादलों की सघनता बढ़ गई है।
मौसम के बदलते मिजाज और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान किसी भी हालत में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण न लें।
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घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और जलभराव वाली सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलाएं।
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पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा कर रहे पर्यटक भूस्खलन संभावित संवेदनशील रास्तों पर जाने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन के अलर्ट की जांच जरूर करें।
| राज्य / क्षेत्र | अलर्ट स्तर | संभावित मौसमी असर |
| दिल्ली-एनसीआर | येलो अलर्ट | बादलों का डेरा, मध्यम बारिश व ठंडी हवाएं |
| उत्तर प्रदेश व बिहार | ऑरेंज / येलो अलर्ट | भारी बारिश, गरज-चमक व वज्रपात (Lightning) की आशंका |
| उत्तराखंड व हिमाचल | ऑरेंज अलर्ट | मूसलाधार वर्षा, भूस्खलन और जलभराव का जोखिम |
| राजस्थान व मध्य प्रदेश | येलो अलर्ट | रुक-रुक कर तेज बारिश और तापमान में गिरावट |
| महाराष्ट्र (मुंबई / कोंकण) | येलो अलर्ट | तटीय तेज हवाएं और मध्यम से भारी फुहारें |
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