
लखनऊ। हमारे आसपास ऐसे कई लोग होते हैं जो दिन-रात हाड़-तोड़ मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी वे आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं हो पाते। कई बार हमें खुद भी अपनी उम्मीद और काबिलियत के मुताबिक फल नहीं मिलता। क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का एक बड़ा और मुख्य कारण आपके घर का वास्तु दोष (Vastu Dosh) हो सकता है? वास्तु शास्त्र के प्राचीन जानकारों का मानना है कि मनुष्य के रहने के स्थान यानी घर की ऊर्जा का ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) से बहुत गहरा और सीधा संबंध होता है।
यदि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सही तरीके से नहीं हो रहा है, तो वहां धन के आगमन में लगातार रुकावटें आती हैं और अचानक से बेवजह के खर्चे व कर्ज बढ़ने लगते हैं। अगर आप भी अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर लगातार परेशान हैं और धन संचय करना चाहते हैं, तो वास्तु शास्त्र में बताए गए इन 5 जादुई उपायों को अवश्य आजमाएं। ये उपाय घर की नकारात्मकता को दूर कर सुख, समृद्धि और धन-धान्य के द्वार खोलते हैं।
1. उत्तर दिशा को रखें बिल्कुल साफ और हल्का
वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, घर की उत्तर दिशा (North Direction) के अधिपति धन के देवता कुबेर माने जाते हैं। इसलिए इस दिशा को हमेशा बेहद पवित्र और हल्का रखना चाहिए।
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भारी सामान से बचें: उत्तर दिशा में भूलकर भी कोई भारी फर्नीचर, कबाड़ या स्टोर रूम (Store Room) न बनाएं।
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तिजोरी का मुख: अपने घर की मुख्य तिजोरी या कैश बॉक्स को इस तरह स्थापित करें कि उसका दरवाजा खोलते समय मुख हमेशा उत्तर दिशा की ओर रहे। यह उपाय कुबेर देव की कृपा से धन को चुंबक की तरह आकर्षित करता है।
2. मुख्य द्वार पर रखें चमकती हुई रोशनी
घर का मुख्य द्वार (Main Gate) केवल परिवार के सदस्यों के आने-जाने का रास्ता नहीं होता, बल्कि यह ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य प्रवेश द्वार भी है। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा, सुंदर और आकर्षक बनाकर रखना चाहिए। ध्यान रहे कि शाम के समय मुख्य द्वार पर कभी भी अंधेरा न हो। वहां पर्याप्त रोशनी (Bright Lighting) की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि धन की देवी मां लक्ष्मी का आपके घर में सरलता से आगमन हो सके।
3. जल का सही प्रबंधन: टपकता नल है कंगाली की निशानी
वास्तु विज्ञान में जल (Water Element) को सीधे तौर पर धन के प्रवाह का प्रतीक माना गया है।
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निकास की दिशा: हमेशा ध्यान रखें कि घर में रसोई या स्नानघर से पानी का निकास केवल उत्तर या पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए।
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नल की मरम्मत: यदि आपके घर की रसोई या बाथरूम का कोई नल लगातार टपक रहा है (Leaking Taps), तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। वास्तु के अनुसार, पानी का बूंद-बूंद टपकना सीधे तौर पर आपके धन के पानी की तरह बहने और अनावश्यक खर्चों को आमंत्रण देने जैसा है।
4. ईशान कोण में कभी न होने दें गंदगी
घर के उत्तर-पूर्व हिस्से को ईशान कोण (North-East Corner) कहा जाता है, जिसे देवी-देवताओं का निवास स्थान माना गया है। यह पूरे घर का सबसे पवित्र और संवेदनशील कोना होता है। ईशान कोण में कभी भी गंदगी, कूड़ा-कचरा या झाड़ू-पोछा न रखें। इस कोने में किसी भी तरह का भारी सामान या खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (कबाड़) रखने से सीधे तौर पर धन के आगमन में बड़ी बाधाएं उत्पन्न होती हैं। इस जगह को हमेशा खुला और स्वच्छ रखें।
5. तिजोरी के ठीक सामने लगाएं जादुई आईना
धन वृद्धि के लिए यह एक बेहद प्राचीन और असरदार टोटका माना गया है। अपने घर की अलमारी या तिजोरी के ठीक सामने एक सुंदर सा आईना (Mirror) लगाएं। आईने की पोजीशन ऐसी होनी चाहिए कि जब भी आप तिजोरी खोलें, तो उसमें रखे धन और गहनों का स्पष्ट प्रतिबिंब (Reflection) आईने में दिखाई दे। वास्तु के अनुसार, तिजोरी का बार-बार प्रतिबिंब दिखने से घर में धन और सकारात्मकता दोनों का स्तर तेजी से दोगुना होने लगता है।
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