सोने से पहले 2 मिनट ये काम किया तो हेल्थ होगी इंप्रूव, फटाफट आएगी नींद

आधुनिक जीवनशैली में खराब खानपान और मानसिक तनाव के कारण आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति अनिद्रा (Insomnia) और थकान की समस्या से जूझ रहा है। अच्छी सेहत के लिए केवल पौष्टिक भोजन और हैवी वर्कआउट ही काफी नहीं होता, बल्कि आयुर्वेद में बताए गए कुछ छोटे-छोटे नियम भी शरीर को निरोगी रखने में बेहद चमत्कारी भूमिका निभाते हैं। इन्हीं में से एक बेहद असरदार और आसान तरीका है—रात को सोने से पहले पैर के तलवों की मालिश करना (Foot Massage Before Sleep)। हर रोज रात को बिस्तर पर जाने से ठीक पहले यदि आप केवल 2 मिनट निकालकर अपने पैरों के तलवों में हल्का गर्म तेल लगाकर मालिश करते हैं, तो इससे न केवल आपकी नींद की क्वालिटी में गजब का सुधार होगा बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी परमानेंट राहत मिल सकती है।

एक्टिवेट होता है पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम: दिमाग को शांत कर तुरंत आती है गहरी और सुकून भरी नींद

रोजाना रात को पैरों की मालिश करने का सबसे पहला और बड़ा फायदा आपकी स्लीप साइकिल (Sleep Cycle) को मिलता है। दिनभर भागदौड़ करने के कारण हमारे पैर पूरे शरीर का बोझ उठाते हैं, जिससे पैरों की मांसपेशियों में भारी थकान आ जाती है। विज्ञान के अनुसार, हमारे पैरों के तलवों में शरीर की कई महत्वपूर्ण नसों के अंतिम छोर (Nerve Endings) होते हैं। जब आप गुनगुने तेल से तलवों की मालिश करते हैं, तो शरीर का पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम (Parasympathetic Nervous System) तुरंत एक्टिवेट हो जाता है। यह सिस्टम सीधे आपके मस्तिष्क को शांत होने का सिग्नल भेजता है, जिससे मानसिक तनाव और दिनभर की एंग्जायटी दूर होती है और आप बहुत जल्द एक गहरी व आरामदायक नींद के आगोश में चले जाते हैं।

शरीर का वात दोष होता है बैलेंस: आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए तलवों की मालिश के छिपे हुए राज

प्रसिद्ध आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉक्टर मनीषा मिश्रा के मुताबिक, नियमित रूप से रात को सोने से पहले पैरों की मालिश करने से शरीर का वात दोष (Vata Dosha) पूरी तरह संतुलित रहता है। आयुर्वेद में माना जाता है कि शरीर में वात के बिगड़ने से ही अनिद्रा, जोड़ों का दर्द और घबराहट जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। जब तलवों में गर्म तेल से हल्की मालिश की जाती है, तो ग्राउंड नर्व्स रिलैक्स होती हैं जिससे वात नियंत्रित होता है। इसके साथ ही, पैरों में मौजूद विभिन्न एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Acupressure Points) पर हल्का दबाव बनने से ब्लड सर्कुलेशन में तेजी से सुधार होता है। कई शोधों में यह भी सामने आया है कि तलवों की मालिश करने से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) को भी प्राकृतिक रूप से कम करने में बड़ी मदद मिलती है।

पैरों की सूजन (एडिमा) और एड़ी के पुराने दर्द से परमानेंट राहत: इन मरीजों के लिए है वरदान

अगर किसी व्यक्ति को पैरों में लिक्विड जमा होने के कारण होने वाली सूजन, जिसे मेडिकल भाषा में एडिमा (Edema) कहा जाता है, की समस्या है तो यह 2 मिनट की थेरेपी उनके लिए एक अचूक दवा है। यही वजह है कि दिल के मरीजों (Heart Patients) और गर्भवती महिलाओं को अक्सर डॉक्टरों द्वारा रात में हल्के हाथों से पैरों की मालिश करने की सलाह दी जाती है ताकि पैरों का भारीपन दूर हो सके। इसके अलावा, जो लोग प्लांटर फेशिआइटिस (Planter Fasciitis) यानी तलवों की झिल्ली में सूजन या लो-आर्च के कारण एड़ी के पुराने और असहनीय दर्द से परेशान रहते हैं, उनके लिए सरसों, तिल या नारियल के गुनगुने तेल की मालिश एड़ी के दर्द को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी और प्राकृतिक उपचार साबित होती है।