UP News: सरकारी स्कूलों के रसोइयों को सीएम योगी का बड़ा तोहफा! मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी, 3.54 लाख रसोइयों को मिला ₹5 लाख का कैशलेस हेल्थ कवर

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (पीएम पोषण योजना) तैयार करने वाले रसोइयों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने रसोइयों के मासिक मानदेय में ₹1,000 प्रति माह की सीधी बढ़ोतरी करने के साथ-साथ प्रदेश के करीब 3.54 लाख रसोइयों और उनके परिजनों के लिए ₹5 लाख तक के मुफ्त कैशलेस हेल्थ कवर की सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘रसोइया सम्मान समारोह’ में डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड वितरण अभियान का शुभारंभ किया।

अब हर महीने मिलेंगे ₹3,000: कैबिनेट सर्कुलेशन से मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सर्कुलेशन के जरिए रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। विशेष सचिव (बेसिक शिक्षा) द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार:

  • संशोधित मानदेय: प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को अब वर्तमान ₹2,000 के स्थान पर ₹3,000 प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।

  • भुगतान की अवधि: यह मानदेय शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रतिवर्ष 10 महीनों के लिए सीधे रसोइयों के बैंक खातों (DBT) में भेजा जाता है।

  • लागू होने की तिथि: बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से प्रभावी होगा, जिसका पहला भुगतान रसोइयों को अक्टूबर 2026 में मिलेगा।

  • अतिरिक्त भत्ते: मानदेय के अलावा रसोइयों को दी जाने वाली ₹500 यूनिफॉर्म और ₹400 एप्रन/ग्लव्स की सालाना सहायता पूर्ववत जारी रहेगी।

प्रतिवर्ष ₹5 लाख का मुफ्त कैशलेस इलाज: ‘रसोइया स्वास्थ्य सुरक्षा’

मानदेय में वृद्धि के साथ ही राज्य सरकार ने रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच लागू किया है:

  • कैशलेस मेडिकल कार्ड: प्रदेश के 3.54 लाख रसोइयों को विशेष आयुष्मान/कैशलेस मेडिकल सुविधा कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

  • ₹5 लाख तक का सालाना इलाज: इस योजना के तहत रसोइयों और उनके परिवार को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस व मुफ्त इलाज मिलेगा।

  • प्रदेशव्यापी वितरण: लखनऊ के मुख्य समारोह के साथ-साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थानीय जनप्रत‍िनिधियों की मौजूदगी में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित कर हेल्थ कार्ड बांटे गए हैं।

‘बच्चों की सेहत संवारने वाले कर्मयोगी हैं हमारे रसोइया भाई-बहन’: सीएम योगी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय स्कूलों में रोजाना 1.46 करोड़ से ज्यादा नौनिहालों के लिए पौष्टिक भोजन पकाने वाली रसोइया माताएं और बहनें पीएम पोषण योजना की वास्तविक रीढ़ हैं। वे केवल भोजन नहीं बनातीं बल्कि मातृत्व भाव से बच्चों का स्वास्थ्य संवारती हैं। सरकार उनके सामाजिक सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और स्वास्थ्य कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

लंबे समय से की जा रही थी मानदेय वृद्धि की मांग

शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में सुधार के बाद प्रदेशभर के रसोइया संघ लगातार मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि शुरुआत में रसोइयों को मात्र ₹1,000 मिलते थे, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर ₹1,500 और 2022 में ₹2,000 किया गया था। केंद्र सरकार के ₹600 के अंशदान के अतिरिक्त राज्य सरकार अपने बजट से लगातार अंश बढ़ाकर इसे अब ₹3,000 प्रति माह पर ले आई है।