UP Metro: अब लखनऊ मेट्रो में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में होगी हाईटेक सुरक्षा,कंट्रोल रूम को मिलेगा लाइव एक्सेस

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से वसंत कुंज) की मेट्रो न केवल रफ्तार के मामले में खास होगी, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अभेद्य किला बनेगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) इस नए कॉरिडोर में सुरक्षा की ऐसी तकनीक लाने जा रहा है, जो अब तक की सबसे आधुनिक प्रणालियों में से एक होगी। नए कॉरिडोर की मेट्रो ट्रेनों में ‘पैनिक बटन’ की सुविधा को अपग्रेड किया गया है, जिससे आपात स्थिति में यात्री सीधे कंट्रोल रूम की नजर में होंगे।

एक बटन दबाते ही एक्टिवेट होगा ‘लाइव वीडियो’

अक्सर मेट्रो में सफर के दौरान किसी आपात स्थिति में यात्री पैनिक बटन दबाते हैं, जिससे ड्राइवर से बात हो पाती है। लेकिन ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की ट्रेनों में बटन दबाते ही न केवल ड्राइवर से बात होगी, बल्कि उस कोच का लाइव वीडियो फीड सीधे ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) के पास पहुंच जाएगा। इससे कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी तुरंत देख सकेंगे कि कोच के अंदर क्या स्थिति है और तुरंत पुलिस या मेडिकल टीम को मौके पर भेज सकेंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस होंगे सीसीटीवी कैमरे

ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के स्टेशनों और ट्रेनों में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे साधारण नहीं होंगे। ये कैमरे एआई (AI) तकनीक से लैस होंगे, जो संदिग्ध गतिविधियों, लावारिस सामान या भीड़ के असामान्य व्यवहार को खुद ही पहचान लेंगे। कॉरिडोर के 12 स्टेशनों पर चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए विशेष रूप से नाइट विजन और हाई-डेफिनिशन कैमरों का जाल बिछाया जाएगा।

चारबाग से वसंत कुंज तक का सफर होगा सुरक्षित

लगभग 11.1 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में सुरक्षा के साथ-साथ यात्री सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यूपी मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीक के इस नए समावेश से न केवल अपराधों पर लगाम लगेगी, बल्कि तकनीकी खराबी या किसी यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने पर भी तत्काल सहायता पहुंचाई जा सकेगी।

मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा के त्रि-स्तरीय घेरे

नए कॉरिडोर के स्टेशनों पर प्रवेश से लेकर प्लेटफार्म तक सुरक्षा के तीन कड़े घेरे होंगे। आधुनिक एक्स-रे बैगेज स्कैनर और मेटल डिटेक्टर के साथ-साथ पीएसी (PAC) और मेट्रो सुरक्षा बल की तैनाती होगी। खास बात यह है कि सभी डेटा का बैकअप क्लाउड पर भी सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे किसी भी घटना की जांच में मदद मिल सकेगी।