UP-Haryana Eco Corridor: गोरखपुर से पानीपत के बीच दौड़ेगी विकास की रफ्तार! ₹50,000 करोड़ से बनेगा नया एक्सप्रेसवे, जमीन अधिग्रहण का सर्वे शुरू, देखें रूट मैप और डिटेल्स

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को एक ऐतिहासिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महा-योजना पर काम शुरू कर दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही देश के एक बेहद महत्वाकांक्षी और बड़े प्रोजेक्ट ‘गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे’ (Gorakhpur-Panipat Expressway) का निर्माण करने जा रहा है। लगभग 700 किलोमीटर लंबा यह नया ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच यात्रा के समय को आधा कर देगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक को बायपास करते हुए एक सीधा और निर्बाध मार्ग प्रदान करेगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का प्रारंभिक सर्वे शुरू होना इस बात का संकेत है कि पूर्वांचल और पश्चिम भारत के बीच विकास का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।

दिल्ली-एनसीआर के जाम से मिलेगी मुक्ति, समय की होगी भारी बचत

इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा रणनीतिक और व्यावहारिक लाभ यह होगा कि अब पूर्वी उत्तर प्रदेश (गोरखपुर) से हरियाणा के औद्योगिक शहर पानीपत जाने वाले वाहनों को दिल्ली या बाहरी रिंग रोड के भारी ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। तय समय सीमा और आधुनिक तकनीकों के साथ:

  • फास्ट कनेक्टिविटी: वर्तमान में गोरखपुर से पानीपत जाने में करीब 14 से 16 घंटे का समय लगता है। इस पूरी तरह कंट्रोल्ड फोर-लेन (भविष्य में सिक्स-लेन) एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह दूरी महज 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी।

  • 22 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ: यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के करीब 22 जिलों और हरियाणा के मुख्य औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में कनेक्ट करेगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) बेहद सस्ती और तेज हो जाएगी।

यूपी के इन प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा नया रूट

एनएचएआई (NHAI) के प्रारंभिक सर्वे और रूट एलाइनमेंट के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के बीचों-बीच से गुजारने की योजना है ताकि अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके:

  • प्रारंभिक बिंदु और रूट: यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होकर संत कबीर नगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बदायूं, अलीगढ़ और मुरादाबाद संभाग के कुछ हिस्सों से होते हुए सीधे शामली और बागपत के रास्ते हरियाणा के पानीपत में प्रवेश करेगा।

  • जमीन अधिग्रहण का सर्वे: एक्सप्रेसवे के रूट में आने वाली कृषि और सरकारी भूमि को चिह्नित करने के लिए ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग का काम शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भू-अधिग्रहण की कागजी कार्रवाई में तेजी लाएं।

औद्योगिक गलियारे और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

इस ₹50,000 करोड़ से अधिक की लागत वाले एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और औद्योगिक पार्क (Industrial Parks) विकसित किए जाएंगे। पानीपत के कपड़ा (टेक्सटाइल) उद्योग और गोरखपुर के टेराकोटा व कृषि उत्पादों को एक-दूसरे के राज्यों में बड़ा बाजार मिलेगा।

एक्सप्रेसवे के किनारे लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने की भी योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क (पूर्वांचल, गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे) को एक नई मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य की ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।