
लखनऊ/कानपुर। कभी प्रदूषण, निवेश की कमी और कारोबार के पलायन जैसी चुनौतियों से जूझने वाली उत्तर प्रदेश की लेदर इंडस्ट्री अब तेजी से नई पहचान बना रही है। राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहन, कौशल विकास और निर्यात बढ़ाने पर केंद्रित योजनाओं का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश की लेदर इंडस्ट्री का निर्यात 7 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। सरकार का दावा है कि उद्योग को आधुनिक तकनीक, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और वैश्विक बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कभी संकट में था उद्योग, अब तेजी से बदल रही तस्वीर
उत्तर प्रदेश का कानपुर लंबे समय से देश के प्रमुख लेदर उद्योग केंद्र के रूप में जाना जाता रहा है। हालांकि बीते वर्षों में पर्यावरणीय नियमों, उत्पादन लागत और अन्य चुनौतियों के कारण कई इकाइयों को कठिन दौर से गुजरना पड़ा। इससे रोजगार और निर्यात दोनों प्रभावित हुए। अब राज्य सरकार की नई नीतियों और उद्योग हितैषी फैसलों के चलते इस क्षेत्र में फिर से सकारात्मक माहौल बन रहा है। उद्योग से जुड़े उद्यमियों का भरोसा बढ़ा है और उत्पादन के साथ निर्यात में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
नई लेदर एवं फुटवियर नीति से निवेश को मिल रहा बढ़ावा
सरकार ने लेदर एवं फुटवियर सेक्टर के लिए विशेष नीति लागू कर निवेश आकर्षित करने, नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, क्लस्टर विकसित करने और आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही उद्योगों को विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता, कौशल विकास कार्यक्रम और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी लेदर और फुटवियर निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।
रोजगार के नए अवसर भी बढ़े
लेदर उद्योग में तेजी आने का सबसे बड़ा फायदा रोजगार के रूप में सामने आ रहा है। उत्पादन बढ़ने से कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। सरकार का फोकस पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण देकर उन्हें वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार करने पर भी है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के साथ आय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
वैश्विक बाजार में मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की मौजूदगी
उत्तर प्रदेश पहले से ही देश के प्रमुख लेदर उत्पादक राज्यों में शामिल है। कानपुर लेदर उत्पादों और सैडलरी के लिए जबकि आगरा फुटवियर निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता है। नई नीतियों के बाद राज्य की इकाइयों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गुणवत्ता, अनुसंधान, डिजाइन, ब्रांडिंग और टिकाऊ उत्पादन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे आने वाले वर्षों में निर्यात और निवेश दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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