UP Assembly Monsoon Session 2026: ‘चला-चली की बेला’ वाले सत्र पर अखिलेश यादव का हमला, चार दिन की कार्यवाही को लेकर गिनाए सरकार के एजेंडे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र 2026 की अवधि को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय विधानसभा सत्र पर सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे चुनावी साल का “चला-चली की बेला” वाला सत्र बताया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि सरकार विधानसभा की कार्यवाही को केवल औपचारिकता तक सीमित रखना चाहती है और जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने का प्रयास कर रही है।

चार दिन के सत्र को लेकर सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र केवल चार दिनों का रखा गया है, क्योंकि सरकार के पास भी अब “चार दिन” ही बचे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही सरकार विधानसभा की भूमिका को कमतर आंक रही है और केवल संवैधानिक औपचारिकताओं को पूरा करने में लगी हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं, शिक्षा, रोजगार, कानून-व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा से बच रही है।

सत्र की कार्यवाही को लेकर अखिलेश यादव का दावा

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने विधानसभा की संभावित कार्यवाही को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि चार दिवसीय सत्र में सरकार का पूरा ध्यान जवाबदेही से बचने पर रहेगा।

उनके अनुसार पहले दिन सदन की कार्यवाही श्रद्धांजलि और औपचारिक कार्यक्रमों में बीतेगी। दूसरे दिन अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर में हुई चोरी के मामले की जिम्मेदारी राज्य सरकार केंद्र पर डालने की कोशिश करेगी। तीसरे दिन प्रयागराज समेत प्रदेश में हुए छात्र आंदोलनों से जुड़े सवालों से बचने का प्रयास किया जाएगा। वहीं चौथे दिन हाल के विवादित मामलों और विपक्ष के आरोपों के बीच जल्द से जल्द सत्र समाप्त करने की घोषणा कर दी जाएगी।

राम मंदिर चोरी और छात्र आंदोलन के मुद्दे उठाने के संकेत

अखिलेश यादव ने स्पष्ट संकेत दिए कि समाजवादी पार्टी विधानसभा के मानसून सत्र में अयोध्या स्थित राम मंदिर में चोरी की घटना, प्रदेश में हुए छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता से जुड़े हर महत्वपूर्ण विषय पर सरकार से जवाब मांगेगा।

स्कूल बंद होने का मुद्दा भी उठाया

प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 26 हजार से अधिक स्कूल बंद हुए हैं, जिससे ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि यह विषय भी विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।

भाजपा पर लगाया विधानसभा को महत्व न देने का आरोप

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को अब यह एहसास हो चुका है कि आगामी चुनाव में उसकी वापसी आसान नहीं होगी। इसी कारण विधानसभा सत्र को सीमित अवधि का रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सत्र आयोजित करने की औपचारिकता निभा रही है, जबकि जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा से बच रही है।

हालांकि, भाजपा की ओर से अखिलेश यादव के इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है।