
उत्तर प्रदेश में आतंकी हमले के गंभीर इनपुट और हाई अलर्ट के बाद राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री आवास, विधान भवन से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग और आगामी विधानसभा मानसून सत्र के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद कर दिया गया है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) के कमांडो भी मैदान में उतरकर पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। जांच एजेंसियों का मुख्य फोकस पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सिपहसलार आबिद के उस नापाक नेटवर्क को बेनकाब करना है, जिसके जरिए यूपी के तमाम युवकों को कट्टरपंथी बनाकर देशविरोधी गतिविधियों में झोंकने की साजिश रची जा रही थी।
सोशल मीडिया के जरिए मिले सुराग, बलरामपुर के शहरोज से पूछताछ
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एटीएस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से शहजाद भट्टी से जुड़े उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य संदिग्ध युवकों के बारे में अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। हाल ही में एटीएस ने बलरामपुर के रहने वाले संदिग्ध आतंकी शहरोज को मुंबई से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया और उससे लंबी एवं गहन पूछताछ की। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शहरोज को मुंबई से राजस्थान जाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री हासिल करने का टास्क सौंपा गया था। एटीएस अब तक पकड़े जा चुके करीब डेढ़ दर्जन संदिग्ध आतंकियों के पिछले कुछ महीनों के मूवमेंट की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटी है, ताकि यह साफ हो सके कि इन कट्टरपंथी युवकों का किन-किन जिलों और शहरों में सबसे ज्यादा आना-जाना रहा है।
जम्मू-कश्मीर इनपुट के बाद लखनऊ से लेकर नोएडा तक हाई अलर्ट
यह पूरा हाई अलर्ट जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद मिले खुफिया इनपुट के बाद जारी किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यूपी को दहलाने की इस गहरी साजिश के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर काम कर रहे गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नेटवर्क है। भट्टी ने यूपी के अलग-अलग जिलों में स्थानीय कट्टरपंथी युवकों के कई गुप्त मॉड्यूल तैयार कर रखे हैं। इसी नेटवर्क के एक ग्रुप ने कुछ समय पहले बिजनौर में एक वाहन को आग लगाने की सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद से एटीएस पूरी तरह हरकत में आ गई थी। इस इनपुट के बाद राजधानी लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और अन्य संवेदनशील जिलों में पुलिस और सुरक्षाबलों को अत्यधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी की हाई-लेवल बैठक, विधानसभा सत्र और कांवड़ यात्रा पर कड़ी नजर
सुरक्षा व्यवस्था की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार देर रात एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में डीजीपी राजीव कृष्ण, एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश समेत राज्य के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में हर हाल में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहनी चाहिए तथा हर एक संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए। डीजीपी ने एटीएस की पूरी टीम को लखनऊ और कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों वाले जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। चूंकि सोमवार से उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने विधान भवन के आसपास और पूरे शहर में किलेबंदी जैसी तैयारी कर ली है ताकि किसी भी नापाक हरकत को समय रहते नाकाम किया जा सके।
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