Twisha Sharma Case: भोपाल सुसाइड केस में बड़ा मोड़, ₹30,000 के इनामी पति समर्थ सिंह ने जबलपुर कोर्ट में किया सरेंडर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित और हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Death Case) में एक बेहद कड़ा और बड़ा कानूनी अपडेट सामने आया है। पिछले कई दिनों से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे मृतका के पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह ने आखिरकार कानून के कड़े शिकंजे के आगे घुटने टेकते हुए जबलपुर जिला कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। कोर्ट परिसर में सरेंडर करने के तुरंत बाद वहां मौजूद पुलिस बल ने समर्थ सिंह को अपनी हिरासत में ले लिया।

कानूनी गलियारों के मुताबिक, इससे ठीक पहले जबलपुर हाईकोर्ट में समर्थ सिंह के वकील द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका (Anticipatory Bail Application) को वापस ले लिया गया था। याचिका वापस होते ही यह पूरी तरह साफ हो गया था कि आरोपी के पास सरेंडर करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

वकीलों के बीच कड़ा कानूनी पेच: भोपाल बनाम जबलपुर

इस कड़े सरेंडर के बाद दोनों पक्षों के वकीलों की तरफ से महत्वपूर्ण और तकनीकी बयान सामने आए हैं:

  • बचाव पक्ष का तर्क: आरोपी समर्थ सिंह के वकील सौरभ सुंदर ने मीडिया को अधिक जानकारी देते हुए स्पष्ट किया, “समर्थ सिंह ने कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए यहाँ सरेंडर किया है। हम कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के समक्ष एक औपचारिक अर्जी दाखिल कर रहे हैं ताकि आगामी अदालती कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके।”

  • पीड़ित पक्ष की आपत्ति: दूसरी तरफ, मृतका ट्विशा शर्मा के परिवार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील अनुराग श्रीवास्तव ने इस सरेंडर के क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) पर कड़ा कानूनी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, “इस पूरे मामले का मुख्य ट्रायल कोर्ट भोपाल में स्थित है और केस की जांच कर रहे मुख्य जांच अधिकारी (IO) भी भोपाल पुलिस के हैं। ऐसे में कानूनी और व्यावहारिक रूप से समर्थ सिंह को या तो भोपाल के संबंधित ट्रायल कोर्ट में या सीधे भोपाल जांच अधिकारी के सामने आत्मसमर्पण करना चाहिए था। जबलपुर में सरेंडर करना केवल प्रक्रिया को लंबा खींचने का प्रयास हो सकता है।”

क्या है पूरा मामला? जानिए मुख्य वजह

यह पूरा कड़ा और दुखद मामला इस महीने की शुरुआत का है, जिसने राजधानी भोपाल को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया था:

घटनाक्रम: बीते 12 मई 2026 को 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स में स्थित अपने ससुराल के घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी हुई पाई गई थीं। घटना के तुरंत बाद ट्विशा के मायके वालों और पीड़ित परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे।

परिवार का सीधा आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को लगातार दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित (Dowry Harassment) किया जा रहा था, जिससे तंग आकर और ससुराल वालों द्वारा आत्महत्या के लिए कड़ा उकसाने के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज अधिनियम के तहत FIR

मामले की गंभीरता और परिवार के कड़े बयानों के आधार पर भोपाल की कटारा हिल्स थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला के खिलाफ देश के नए कानूनों के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम (Dowry Prohibition Act) के कड़े और गैर-जमानती प्रावधानों के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।

चूंकि घटना के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे, इसलिए पुलिस कमिश्नरेट द्वारा समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वाली या पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की भी आधिकारिक घोषणा की गई थी। अब पुलिस रिमांड के दौरान समर्थ से पूछताछ में मौत के असली कारणों और प्रताड़ना से जुड़े कई और कड़े खुलासे होने की उम्मीद है।