ईरान को ट्रंप की चेतावनी: सिर्फ 2 मिनट में उड़ा देंगे तुम्हारी सेना, हॉर्मुज की जंग ने दुनिया को दहलाया

मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बेहद आक्रामक बयान सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच हुई ताजा झड़प के बाद ट्रंप ने ईरान को खुली चुनौती दी है। ट्रंप ने दावा किया कि संघर्ष के दौरान ईरानी सैन्य ताकत अमेरिकी शक्ति के सामने टिक नहीं पाई और महज 2 मिनट के भीतर उनकी सेना के परखच्चे उड़ गए। इस बयान के बाद खाड़ी देशों में भीषण युद्ध की आहट और तेज हो गई है।

हॉर्मुज में भिड़ीं दोनों सेनाएं, ट्रंप बोले- हमारी ताकत का अंदाजा नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक मार्ग पर अमेरिकी युद्धपोतों और ईरानी गश्ती नौकाओं के बीच आमना-सामना हुआ। ट्रंप ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान ने उकसाने की कोशिश की थी, जिसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “ईरान को यह समझना चाहिए कि वह किसके साथ खिलवाड़ कर रहा है। उनकी सैन्य क्षमता हमारे सामने कुछ भी नहीं है, हमने सिर्फ 2 मिनट में उनकी आक्रामकता को शांत कर दिया।” ट्रंप के इस बयान को ईरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेरिकी एयरस्ट्राइक से दहल उठा इलाका, कई ठिकाने तबाह

ताजा जानकारी के अनुसार, केवल समुद्री झड़प ही नहीं, बल्कि अमेरिका ने ईरान समर्थित ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक भी की है। अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में और अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है। इन हमलों में ईरान के कई मिसाइल लॉन्च पैड और सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर ईरान ने अपनी हरकतों पर लगाम नहीं लगाई, तो उसे इससे भी बुरा अंजाम भुगतना पड़ सकता है।

क्या विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है दुनिया?

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वैश्विक तेल आपूर्ति इस संघर्ष के कारण दांव पर लग गई है। दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव सीधी जंग में तब्दील हुआ, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगेगा। चीन और रूस जैसी महाशक्तियां भी इस घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए हैं। जहां एक तरफ ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, वहीं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खमेनेई की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की धमकियां मिल रही हैं, जिससे तीसरे विश्व युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।