
सड़कों पर बेलगाम ड्राइविंग, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की लगातार अनदेखी के चलते होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। अब तक ट्रैफिक नियम तोड़ने पर वाहन चालकों को केवल आर्थिक दंड (ई-चालान) भरकर छोड़ दिया जाता था, जिससे कई लोग बार-बार नियमों का उल्लंघन करने से नहीं हिचकते थे। इस ढर्रे को पूरी तरह बदलने के लिए पश्चिमी देशों की तर्ज पर अब ‘पेनल्टी डिमेरिट पॉइंट सिस्टम’ (Penalty Points System) को सख्ती से जमीन पर उतारा जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत हर ड्राइविंग लाइसेंस पर एक निर्धारित पॉइंट कोटा तय होगा। जैसे-जैसे चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके लाइसेंस से निगेटिव पॉइंट्स जुड़ते जाएंगे (या सुरक्षित पॉइंट्स कटते जाएंगे)। निर्धारित अधिकतम सीमा पार होते ही संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस स्वतः एक निश्चित अवधि के लिए निलंबित (सस्पेंड) या स्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा।
परिवहन विभाग द्वारा तैयार की गई नियमावली के अनुसार, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को उनकी गंभीरता के आधार पर अलग-अलग पॉइंट स्लैब में बांटा गया है। मुख्य उल्लंघनों के लिए संभावित पॉइंट व्यवस्था इस प्रकार तय की गई है:
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शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving): शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाने पर सबसे सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए सीधे 5 से 6 पेनल्टी पॉइंट्स जोड़े जाएंगे और भारी जुर्माने के साथ पहली बार में ही लाइसेंस जब्ती की सिफारिश हो सकती है।
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खतरनाक ड्राइविंग और ओवरस्पीडिंग: तय गति सीमा से अधिक रफ्तार में गाड़ी दौड़ाने पर 2 से 3 पॉइंट्स कटेंगे।
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रेड लाइट जंप और गलत दिशा में ड्राइविंग (Wrong Side): सिग्नल तोड़ने या वन-वे में विपरीत दिशा से वाहन लाने पर 2 से 3 पॉइंट्स काटे जाएंगे।
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ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग: वाहन चलाते समय हाथ में फोन लेकर बात करने या मैसेजिंग करने पर 2 पॉइंट्स की कटौती होगी।
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बिना हेलमेट / बिना सीटबेल्ट: दोपहिया पर बिना हेलमेट या कार में बिना सीटबेल्ट पाए जाने पर 1 से 2 डिमेरिट पॉइंट्स दर्ज होंगे।
इस प्रणाली में एक निश्चित समय-सीमा (आमतौर पर 2 से 3 वर्ष) का ब्लॉक पीरियड निर्धारित किया जाता है। यदि कोई वाहन चालक इस निर्धारित अवधि के भीतर लगातार नियमों का उल्लंघन करते हुए कुल 12 पेनल्टी पॉइंट्स के आंकड़े को छू लेता है, तो आरटीओ (RTO) द्वारा उसका ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से 1 वर्ष के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। निलंबन अवधि पूरी होने के बाद चालक को दोबारा ड्राइविंग टेस्ट या रिफ्रेशर रोड सेफ्टी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ सकता है। यदि इसके बाद भी चालक अपनी आदतों में सुधार नहीं करता और दोबारा पेनल्टी सीमा पार करता है, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द (Revoke) कर दिया जाएगा, जिसके बाद वह किसी भी नए लाइसेंस के लिए अयोग्य घोषित हो सकता है।
इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए इसे केंद्र सरकार के ‘सारथी’ (Vahan & Sarathi) पोर्टल और आधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से जोड़ा जा रहा है। शहरों के चौराहों, एक्सप्रेसवे और हाईवे पर लगे एआई-इनेबल्ड हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे वाहन का नंबर स्कैन कर सीधे चालान जनरेट करेंगे। इसके साथ ही, वाहन के रजिस्टर्ड मालिक या चालक के ड्राइविंग लाइसेंस डेटाबेस में निगेटिव पॉइंट्स स्वतः अपडेट हो जाएंगे। वाहन चालक को उसके मोबाइल पर एसएमएस के जरिए यह जानकारी दी जाएगी कि उसके खाते में कितने पेनल्टी पॉइंट्स जुड़ चुके हैं और लाइसेंस निलंबन से वह कितनी दूरी पर है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश जानलेवा दुर्घटनाएं ओवरस्पीडिंग, सिग्नल जंपिंग और नशे में ड्राइविंग जैसी आदतन गलतियों के कारण होती हैं। केवल आर्थिक जुर्माना लगाने से संपन्न वर्ग के लोग जुर्माना भरकर बार-बार वही गलतियां दोहराते रहते हैं। लेकिन जब बात ड्राइविंग लाइसेंस छिनने, गाड़ी चलाने का अधिकार खोने और कानूनी रिकॉर्ड खराब होने पर आएगी, तो चालकों में नियमों के प्रति वास्तविक डर और जवाबदेही पैदा होगी।
इस सख्त नियम के प्रभाव में आने के बाद ड्राइवरों को सड़क पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। हमेशा लेन अनुशासन का पालन करें, सड़क पर लगे स्पीड लिमिट बोर्ड्स का ध्यान रखें और जेब्रा क्रॉसिंग से पहले गाड़ी की गति धीमी करें। वाहन चलाते समय ब्लूटूथ या हैंड्स-फ्री डिवाइस के अनावश्यक प्रयोग से भी बचें। समय-समय पर परिवहन विभाग के सारथी पोर्टल या ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने लाइसेंस का स्टेटस और पेंडिंग चालान जरूर चेक करते रहें, ताकि समय रहते गलतियों को सुधारकर अपने लाइसेंस को सुरक्षित रखा जा सके।
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