हेल्थ डेस्क: आज के दौर में हार्ट अटैक अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। हाल के वर्षों में 30 से 40 साल के युवाओं में दिल के दौरे के मामले तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हमारी बिगड़ती जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें सीधे तौर पर हमारे दिल पर हमला कर रही हैं। कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, कुछ ऐसी सामान्य आदतें हैं जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वे कम उम्र में ही हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट की वजह बन रही हैं। अगर आप भी 40 की दहलीज पर हैं या उससे कम उम्र के हैं, तो इन 5 आदतों को तुरंत बदल लेना ही समझदारी है।
खराब खान-पान और जंक फूड का अधिक सेवन
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड युवाओं की पहली पसंद बन गए हैं। इनमें मौजूद अत्यधिक नमक, चीनी और ट्रांस फैट धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा देते हैं। जब धमनियों में ब्लॉकेज होने लगता है, तो दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जो अंततः हार्ट अटैक का कारण बनता है। घर का बना सादा भोजन और हरी सब्जियां आपके दिल की उम्र बढ़ा सकती हैं।
शारीरिक सक्रियता में कमी और बढ़ता मोटापा
घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और एक्सरसाइज से दूरी बनाना दिल के लिए सबसे बड़ा खतरा है। शारीरिक गतिविधि कम होने से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और मोटापा बढ़ता है। बढ़ा हुआ वजन सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को न्योता देता है, जो दिल की बीमारियों के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर हैं। रोजाना कम से कम 30 मिनट की पैदल सैर भी आपके दिल को सुरक्षित रख सकती है।
अत्यधिक तनाव और नींद की भारी कमी
डिजिटल युग में वर्क प्रेशर और पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन न बन पाने के कारण तनाव (Stress) एक साइलेंट किलर बन चुका है। जब हम तनाव में होते हैं, तो शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को अनियंत्रित कर देता है। इसके साथ ही, रात में 7-8 घंटे की गहरी नींद न लेना दिल की मांसपेशियों को कमजोर बनाता है। नींद की कमी से हृदय रोगों का खतरा दोगुना हो जाता है।
धूम्रपान और शराब की लत का घातक असर
सिगरेट और शराब का सेवन सीधे तौर पर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। धूम्रपान करने से खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे थक्के (Clots) बनने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, शराब का अधिक सेवन हार्ट की रिदम को बिगाड़ देता है। युवाओं में बढ़ती स्मोकिंग की लत 40 की उम्र से पहले हार्ट अटैक आने की एक प्रमुख वजह बनकर उभरी है।
नियमित हेल्थ चेकअप को नजरअंदाज करना
ज्यादातर युवाओं को लगता है कि वे फिट हैं और उन्हें किसी चेकअप की जरूरत नहीं है। साइलेंट हार्ट अटैक के मामलों में अक्सर कोई बड़े लक्षण नहीं दिखते। हाई कोलेस्ट्रॉल या बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर अक्सर बिना जांच के पता नहीं चलता। समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल और ईसीजी जैसे टेस्ट करवाते रहने से भविष्य के बड़े खतरों को टाला जा सकता है। याद रखें, बचाव ही सबसे बेहतर इलाज है।
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