
इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में जहां एक तरफ हमारा मनोरंजन होता है, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ताक में बैठे रहते हैं कि कब आपकी एक छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाकर आपकी जेब खाली कर दी जाए। आजकल फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ऐसे कई वीडियो तैरते रहते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि आपके पास मौजूद पुराना 1, 2 या 5 रुपये का नोट आपको रातोंरात लखपति बना सकता है। अगर आप भी ऐसे वीडियो पर भरोसा करते हैं, तो भोपाल की इस घटना को बहुत ध्यान से पढ़ लीजिए।
भोपाल के गुनगा इलाके में रहने वाली एक साधारण गृहणी को इंटरनेट पर पुराने नोट बेचकर लाखों कमाने का सपना देखना बहुत महंगा पड़ गया। एक फर्जी वीडियो के झांसे में आकर महिला ने ठगों से संपर्क किया और देखते ही देखते अपने ₹1.91 लाख गंवा दिए। पीड़ित महिला की शिकायत पर अब स्थानीय गुनगा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
₹5 का नोट और ₹23 लाख की लॉटरी का वो मायाजाल
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 36 वर्षीय अंतिम विश्वकर्मा भोपाल के कलारा गांव में रहती हैं। पिछले दिनों वह अपनी बेटी स्वाति के साथ मोबाइल पर सोशल मीडिया देख रही थीं। इसी दौरान उनकी स्क्रीन पर एक वीडियो आया, जिसमें बहुत ही लुभावने अंदाज में दावा किया जा रहा था कि अगर आपके पास ‘ट्रैक्टर की तस्वीर वाला पुराना 5 रुपये का नोट’ है, तो कंपनियां उसे लाखों रुपये में खरीद रही हैं।
वीडियो में दिए गए नंबर पर जब मां-बेटी ने उत्सुकता में संपर्क किया, तो ठगों ने अपनी चाल चलनी शुरू कर दी। ठगों ने इस जाल को कैसे बुना, उसे आप नीचे दिए गए स्टेप्स से समझ सकते हैं:
जब तक अहसास हुआ, तब तक बैंक खाता हो चुका था खाली
महिला ठगों के झांसे में इस कदर आ चुकी थीं कि ₹23 लाख मिलने की उम्मीद में वे लगातार उनके बताए खातों में पैसे भेजती रहीं। लेकिन जब ₹1.91 लाख देने के बाद भी ठगों का पेट नहीं भरा और उन्होंने फिर से एक नए टैक्स के नाम पर मोटी रकम की मांग की, तब जाकर महिला को शक हुआ।
जब उन्होंने वीडियो वाले नंबरों पर दोबारा कॉल किया और सामने से कोई सही जवाब नहीं मिला, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हो चुका है। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि इस गिरोह के तार बहुत फैले हुए हैं और उन्होंने ठगी के लिए कई फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल नंबर और अलग-अलग यूपीआई (UPI) खातों का इस्तेमाल किया है।
ऐसे फर्जी दावों से खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
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आरबीआई का साफ नियम: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) कई बार स्पष्ट कर चुका है कि वह पुराने नोटों या सिक्कों की खरीद-बिक्री के किसी भी मामले में शामिल नहीं होता है और न ही इसके लिए किसी को कोई सर्टिफिकेट या क्लीयरेंस जारी करता है।
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दस्तावेज साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को फोन या व्हाट्सएप पर अपने पर्सनल डॉक्यूमेंट जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अपनी सेल्फी कभी न भेजें। इनका इस्तेमाल आपके नाम पर फर्जी लोन लेने या अन्य अपराधों के लिए हो सकता है।
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पैसे मांगने वाले सब फ्रॉड हैं: अगर कोई सच में आपका नोट खरीद रहा है, तो वह आपसे एडवांस पैसे (फाइल चार्ज, टैक्स) क्यों मांगेगा? यह सीधा सा नियम याद रखें कि जो भी एडवांस पैसे मांगे, वह 100% स्कैमर है।
अगर आपके आसपास भी कोई बुजुर्ग या महिला सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो देखती है, तो उन्हें तुरंत सचेत करें। इंटरनेट पर दिखने वाली हर चमकती चीज सोना नहीं होती, और बिना मेहनत के लाखों रुपये मिलने का दावा हमेशा एक जाल होता है।
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