कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है। 4 मई को आए नतीजों के बाद 9 मई को सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और महज एक हफ्ते के भीतर ही प्रशासन का चेहरा बदलने लगा है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कई फैसलों को पलटते हुए नई कैबिनेट ने ‘बदलते बंगाल’ का खाका पेश कर दिया है।
यहाँ सुवेंदु सरकार द्वारा लिए गए 10 सबसे महत्वपूर्ण फैसले दिए गए हैं:
1. स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ अनिवार्य
शिक्षा विभाग के ताजा आदेश के अनुसार, अब बंगाल के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में मॉर्निंग असेंबली के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा। इसे राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
2. सड़कों पर नमाज और लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध
सार्वजनिक व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने सड़कों और गलियों में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी है। अब धार्मिक गतिविधियां केवल मस्जिद परिसर के भीतर होंगी। साथ ही, सभी धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को भी प्रतिबंधित किया गया है।
3. सीमा सुरक्षा और BSF को जमीन
सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। वर्षों से लंबित मामलों को सुलझाते हुए BSF (सीमा सुरक्षा बल) को सीमा चौकियों और बाड़ लगाने के लिए आवश्यक जमीन 45 दिनों के भीतर सौंपने का आदेश दिया गया है।
4. आयुष्मान भारत सहित सभी केंद्रीय योजनाएं लागू
पिछली सरकार और केंद्र के बीच चल रही खींचतान अब खत्म हो गई है। अब बंगाल के लोगों को आयुष्मान भारत, पीएम-श्री, विश्वकर्मा योजना, और उज्ज्वला योजना जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। जिलाधिकारियों को इसे युद्ध स्तर पर लागू करने का निर्देश दिया गया है।
5. सरकारी नौकरियों में 5 साल की छूट
युवाओं को राहत देते हुए सुवेंदु सरकार ने सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी कर दी है। इससे उन शिक्षित युवाओं को लाभ मिलेगा जो पिछले वर्षों में भर्ती प्रक्रिया धीमी होने के कारण ओवरएज हो गए थे।
6. जनगणना और प्रशासनिक सुधार
केंद्र सरकार के जनगणना संबंधी पुराने आदेशों को, जिन्हें पिछली सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया था, अब तत्काल प्रभाव से एक्टिव कर दिया गया है। इसके अलावा, राज्य के IAS अधिकारी अब केंद्र के ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे और राज्य में भारतीय न्याय संहिता के प्रावधान पूरी तरह लागू होंगे।
7. राजनीतिक हिंसा के मामलों की दोबारा जांच
भाजपा सरकार ने साफ किया है कि पिछले वर्षों में राजनीतिक हिंसा में मारे गए 321 कार्यकर्ताओं के परिवारों को न्याय दिलाया जाएगा। यदि परिवार मांग करेंगे, तो सरकार इन केसों को फिर से खोलकर कानूनी जांच शुरू करेगी।
8. पशु तस्करी पर सर्जिकल स्ट्राइक
पशुओं की अवैध तस्करी को रोकने के लिए प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने को कहा गया है। अब राज्य में केवल लाइसेंस प्राप्त पशु मेले ही संचालित हो सकेंगे और अवैध व्यापार पर सख्त कार्रवाई होगी।
9. ‘सिंडिकेट राज’ और अवैध खनन पर रोक
भाजपा ने अपने चुनावी वादे को निभाते हुए राज्य में कथित ‘सिंडिकेट राज’ और कोयला/बालू के अवैध खनन (Illegal Mining) को रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।
10. सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव
प्रशासनिक शुचिता के नाम पर सरकार ने उन सभी व्यक्तियों की सुरक्षा हटा दी है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इसके साथ ही, पूर्व सांसद अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा में भी बड़ी कटौती की गई है।
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