Spices Export: भारत का यह राज्य बना दुनिया का ‘अदरक किंग’! अमेरिका और UAE में मची इसे खरीदने की होड़, खेती से किसान बन रहे मालामाल

भारत को दुनिया भर में ‘मसालों का घर’ कहा जाता है। खाने का स्वाद बढ़ाना हो या फिर औषधीय गुणों से भरपूर चाय बनानी हो, अदरक हर भारतीय रसोई की एक मुख्य जरूरत है। लेकिन अब भारतीय अदरक सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपना डंका बजा रहा है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत का एक विशेष राज्य दुनिया के लिए ‘अदरक किंग’ (Ginger King) बनकर उभरा है। इस राज्य में पैदा होने वाले उच्च गुणवत्ता के अदरक को खरीदने के लिए अमेरिका (US) और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे शक्तिशाली और खाड़ी देश कतार में खड़े हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर भारतीय कृषि निर्यात और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है।

मध्य प्रदेश बना देश का सबसे बड़ा अदरक उत्पादक राज्य

कृषि और मसाला बोर्ड (Spices Board) के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, भारत का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) ने अदरक उत्पादन के मामले में पूरे देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। भारत कुल वैश्विक अदरक उत्पादन में करीब एक तिहाई से ज्यादा की हिस्सेदारी रखता है, जिसमें अकेले मध्य प्रदेश का योगदान लगभग 31% से अधिक है। राज्य के अनुकूल तापमान, उपजाऊ दोमट मिट्टी (Sandy Loam Soil) और किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों के कारण यहाँ हर साल लाखों मीट्रिक टन उच्च कोटि के अदरक की पैदावार हो रही है। मध्य प्रदेश के अलावा कर्नाटक, ओडिशा, असम और मेघालय जैसे राज्य भी इस दौड़ में शामिल हैं।

विदेशी बाजारों में क्यों मची है भारतीय अदरक को खरीदने की होड़?

ग्लोबल मार्केट में भारतीय अदरक की बढ़ती मांग के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जो इसे अन्य देशों से अलग बनाते हैं:

  • तीखा स्वाद और सोंधी खुशबू: भारतीय अदरक में प्रचुर मात्रा में ओलेओरेसिन और एसेंशियल ऑयल पाए जाते हैं, जिसके कारण इसका स्वाद बेहद तीखा और खुशबू तेज होती है। विदेशी कंपनियां इसका इस्तेमाल फूड प्रोसेसिंग और मसालों में बड़े पैमाने पर करती हैं।

  • औषधीय गुणों की भरमार: कोविड-19 महामारी के बाद से दुनिया भर में नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर्स की मांग बढ़ी है। हर्बल चाय, कफ सिरप और पारंपरिक दवाइयां बनाने के लिए यूएस और यूएई की दवा कंपनियां भारत से भारी मात्रा में अदरक का आयात कर रही हैं।

  • सख्त फूड सेफ्टी मानक: भारतीय निर्यातकों द्वारा एफएसएसएआई (FSSAI) और अमेरिकी एफडीए (FDA) के कड़े नियमों का पालन करने के कारण अब वैश्विक स्तर पर इसकी विश्वसनीयता काफी बढ़ गई है।

निर्यात से किसानों की बदल रही है किस्मत

अदरक की खेती अब पारंपरिक फसलों के मुकाबले किसानों के लिए एक बेहतरीन कैश क्रॉप (नगदी फसल) साबित हो रही है। विदेशों से मिल रहे शानदार ऑर्डर्स और भारी डिमांड के चलते स्थानीय मंडियों में भी किसानों को अदरक के बहुत अच्छे दाम मिल रहे हैं। सरकार भी एग्री-एक्सपोर्ट जोन और पीएम कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से अदरक की प्रोसेसिंग और कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले समय में भारत का अदरक किंग राज्य वैश्विक मसाला व्यापार में एक नया इतिहास रच देगा।