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SIR के तहत कटे 3 करोड़ नाम दरअसल अवैध घुसपैठिए: हैदराबाद में राहुल गांधी पर बरसे गृह मंत्री अमित शाह, बोले- भाजपा देश से निकालेगी एक-एक विदेशी

भारतीय राजनीतिक गलियारों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर एक बहुत ही बड़ा और सनसनीखेज बयान सामने आया है। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने हैदराबाद में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा खुलासा किया है। गृह मंत्री ने दावा किया है कि चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूचियों से हटाए गए लाखों नामों में से लगभग तीन करोड़ वोटर असल में अवैध घुसपैठिए हैं, जिनका जमीन पर कोई वास्तविक अता-पता नहीं मिला। शाह ने कांग्रेस पार्टी और विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल इन घुसपैठियों को अपना सुरक्षित वोटबैंक मानते हैं और इसी वजह से वे मतदाता सूची के इस शुद्धिकरण का विरोध कर रहे हैं। हैदराबाद की ऐतिहासिक धरती से अमित शाह के इस आक्रामक तेवर ने देश की सियासत में एक बार फिर भूचाल ला दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर और क्या-क्या बड़े हमले किए हैं और एसआईआर के आंकड़ों को लेकर उन्होंने क्या पूरी सच्चाई देश के सामने रखी है।

विपक्ष के 13 करोड़ वोट काटे जाने के आरोपों पर अमित शाह का स्पष्टीकरण और गणित

पिछले कुछ समय से विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा था कि चुनाव आयोग और सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर मतदाता सूचियों से लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सुनियोजित तरीके से काटे गए हैं। इन तमाम राजनीतिक हमलों का कड़ा जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के सटीक आंकड़े देश के सामने रखे और विपक्षी दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद और सरासर झूठ करार दिया।

अमित शाह ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिन 13 करोड़ नामों को सूची से हटाया गया है, उनके पीछे ठोस और प्रमाणित प्रशासनिक कारण मौजूद हैं। इनमें से करीब सवा छह करोड़ (6.25 करोड़) लोग ऐसे हैं जो स्थायी रूप से अपनी पुरानी जगह छोड़कर दूसरी जगहों पर बस चुके हैं, जबकि लगभग 2.80 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा, लगभग एक करोड़ नाम ऐसे हैं जो डुप्लीकेट प्रविष्टियों (दोगुनी प्रविष्टियों) के रूप में सूची में दर्ज थे। जब इन सभी वास्तविक और प्रमाणित आंकड़ों को कुल संख्या से अलग कर दिया जाता है, तो करीब तीन करोड़ वोट ऐसे बचते हैं जिनका कोई भौगोलिक अस्तित्व या अता-पता नहीं मिलता है, और यही लोग असल में अवैध घुसपैठिए हैं।

“फर्जी मतदान के जरिए चुनाव जीतना चाहती है कांग्रेस”: राहुल गांधी की रैली पर तीखा प्रहार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा हाल ही में दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की गई रैली का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने उसे ‘वोट बचाओ रैली’ की बजाय ‘घुसपैठिया बचाओ रैली’ करार दिया। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि जिन करोड़ों लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम पर आखिर कौन मतदान करने वाला था? साफ है कि कांग्रेस पार्टी फर्जी मतदान और मृत या फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है।

गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पूरी मंडली एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को रोकने की साजिश रच रही है, क्योंकि अवैध घुसपैठिए ही उनके राजनीतिक अस्तित्व का मुख्य वोटबैंक बने हुए हैं। इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए एसआईआर के इस अभियान के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। शाह ने दो टूक शब्दों में कहा कि इस देश की मतदाता सूची में केवल वही व्यक्ति मतदान करने का अधिकार रखता है जो भारत का वास्तविक नागरिक है, और भाजपा एक-एक घुसपैठिए को चुनकर देश की सीमाओं से बाहर निकालेगी।

राहुल गांधी को संसद के विशेष सत्र और खुली बहस की दो टूक चुनौती

हैदराबाद की जनसभा में अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक बार फिर खुले तौर पर चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार संसद का एक विशेष सत्र बुलाने और उस पर ईवीएम (EVM) से लेकर एसआईआर (SIR) और अवैध घुसपैठ जैसे तमाम गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

शाह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि समस्या यह है कि कांग्रेस नेता हाथ में संविधान की कॉपी तो लेकर घूमते हैं, लेकिन संविधान के लोकतांत्रिक दायित्वों का सम्मान करना नहीं जानते। वे संसद को चलने ही नहीं देना चाहते और केवल अराजकता व हंगामे के बल पर खबरों में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि संसद के पटल पर इन मुद्दों पर निष्पक्ष चर्चा हो जाए, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार कांग्रेस के हर एक आरोप की हवा निकाल देगी और देश की जनता के सामने उनकी असलियत बेनकाब हो जाएगी।

माक पार्लियामेंट और चिरंजीवी की मुलाकात से जुड़े अन्य सियासी घटनाक्रम

अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा हाल ही में ‘माक पार्लियामेंट’ (नकली संसद) का आयोजन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास करने के ड्रामे पर भी जमकर तंज कसा। शाह ने कहा कि चूँकि देश की असली संसद में राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुँच सकते, इसलिए उन्हें इस तरह की नकली संसद में प्रधानमंत्री बनने का संतोष हासिल कर लेना चाहिए ताकि सोनिया गांधी के हृदय को थोड़ी शांति मिल सके। उन्होंने राहुल के बार-बार विदेश दौरों पर तंज कसते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से चुनाव नहीं जीते जा सकते, इसके लिए जमीन पर पसीना बहाना पड़ता है।

इससे पहले हैदराबाद पहुँचने पर गृह मंत्री अमित शाह ने चारमीनार के पास स्थित प्रसिद्ध देवी भाग्य लक्ष्मी मंदिर में जाकर विधिवत पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा, दक्षिण भारत के मेगास्टार चिरंजीवी ने भी सोमवार को अमित शाह से मुलाकात की और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा डीपफेक टेक्नोलॉजी के जरिए फिल्म कलाकारों के अधिकारों, कॉपीराइट और उनकी पहचान को उत्पन्न हो रहे गंभीर खतरों को लेकर अपनी गहरी चिंता साझा की। शाह ने देश के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा है, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासन में 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था, और आज जनता कांग्रेस को पूरी तरह नकार चुकी है।