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ओमान तट के पास भारतीय जहाज पर संदिग्ध हमला

अरब सागर और ओमान के समुद्री इलाके से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जिसने भारतीय नौवहन क्षेत्र और केंद्र सरकार को अलर्ट मोड पर ला दिया है। ओमान के तट के करीब भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘एमएसवी अल जुसुफी’ (MSV AL JUSUFI) पर अचानक एक अज्ञात हमला हुआ, जिसके बाद जहाज पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटनाक्रम में ओमान कोस्ट गार्ड ने त्वरित और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए जहाज पर सवार 13 भारतीय नाविकों की जान सुरक्षित बचा ली है, हालांकि दुर्भाग्यवश गुजरात के रहने वाले एक भारतीय नाविक की इस हमले में दुखद मौत हो गई है। केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस पूरे हादसे और राहत-बचाव कार्यों की आधिकारिक पुष्टि करते हुए देश के सामने नया अपडेट जारी किया है। ओमान स्थित भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन इस समय सभी जीवित बचे क्रू मेंबर्स की सुरक्षा और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की तैयारियों में चौबीसों घंटे जुटा हुआ है। आज के इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में हम जानेंगे कि आखिर यह घटना कैसे हुई, केंद्र सरकार का इस पर क्या कदम है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री जलक्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर क्या चुनौतियां बनी हुई हैं।

समंदर के बीच आखिर क्या हुआ था ‘एमएसवी अल जुसुफी’ के साथ?

घटना के ब्योरे के अनुसार, भारतीय ध्वज वाला कार्गो वेसल ‘एमएसवी अल जुसुफी’ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हमरिया पोर्ट से रवाना होकर गुजरात के पोरबंदर की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही यह जहाज ओमान के तट के निकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास रीमा/लीमा पोर्ट के करीब समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी एक अज्ञात हवाई वस्तु या प्रक्षेपास्त्र ने इसे निशाना बनाया। हमले के कारण जहाज में अफरा-तफरी मच गई और चालक दल के सदस्यों में हड़कंप फैल गया। जहाज पर कुल 14 भारतीय नागरिक तैनात थे, जो एक व्यापारी जहाज के रूप में अपनी नियमित यात्रा पर थे। हमले के प्रभाव से जहाज को नुकसान पहुंचा और तुरंत स्थानीय तटरक्षक बल को आपातकालीन संकट संदेश (SOS Alert) भेजा गया। ओमान के कोस्ट गार्ड ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू बोट्स और हेलीकॉप्टरों की मदद से आपातकालीन अभियान शुरू किया और जलते व खतरे में पड़े जहाज से 13 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया।

गुजरात के नाविक की दुखद मौत, केंद्र सरकार ने जारी किया आधिकारिक बयान

इस दर्दनाक हादसे में घायल हुए एक नाविक की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक नाविक की पहचान गुजरात निवासी गांधार नाहिम अजीज (Gandhar Nahim Ajij) के रूप में की गई है, जो गंभीर चोटों के कारण जिंदगी की जंग हार गए। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से इस घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के साथ पूरी सरकार खड़ी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विदेश मंत्रालय और पोत परिवहन मंत्रालय ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास के जरिए लगातार वहां के स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। सुरक्षित बचाए गए 13 नाविकों को आवश्यक चिकित्सा, भोजन और मानसिक संबल प्रदान किया जा रहा है। सरकार की प्राथमिक प्राथमिकता सुरक्षित बचाए गए सभी नाविकों को सकुशल उनके स्वदेश वापस लाना और दिवंगत नाविक गांधार नाहिम अजीज के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ गुजरात उनके गृह क्षेत्र तक पहुंचाना है।

अरब सागर और ओमान जलक्षेत्र में बढ़ता तनाव और भारतीय जहाजों की सुरक्षा

पश्चिम एशिया और अरब सागर क्षेत्र में पिछले कुछ समय से भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय संघर्षों का असर अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों पर साफ देखने को मिल रहा है। मध्य पूर्व के जलक्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे संदिग्ध हमलों ने वैश्विक व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे पहले भी ओमान के समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध हमलों के कारण मर्चेंट वेसल्स को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि निर्दोष नाविकों और व्यापारिक जहाजों को किसी भी तरह के युद्ध या संघर्ष का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए। भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल इस पूरे रूट पर अपनी सतर्कता बढ़ा चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे समुद्री मार्गों पर गश्त और सुरक्षा तंत्र को कड़ा किया जा रहा है ताकि भारतीय नाविकों की जीवन-सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आगे की राह: दूतावास की कार्रवाई और नाविकों की वतन वापसी की तैयारी

ओमान के मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय ओमान कोस्ट गार्ड, पुलिस और पोर्ट अथॉरिटी के साथ लगातार तालमेल बनाए हुए है। सुरक्षित बचाए गए 13 भारतीय क्रू मेंबर्स की आपातकालीन यात्रा कागजात तैयार किए जा रहे हैं ताकि उन्हें जल्द से जल्द उड़ानों के माध्यम से भारत भेजा जा सके। वहीं, गुजरात में मृतक नाविक के परिवार को घटना की सूचना दे दी गई है और स्थानीय प्रशासन उनके संपर्क में है। केंद्रीय पोत परिवहन मंत्रालय ने भी सभी भारतीय जहाजों को अरब सागर और ओमान के समुद्री क्षेत्रों से गुजरते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए एडवाइजरी जारी करने का फैसला लिया है।