
हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए सावन (श्रावण) के महीने को सबसे उत्तम और परम फलदायी माना गया है। सावन का पूरा महीना ही शिव भक्ति के रंग में रंगा होता है, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष व्रत और त्योहार ऐसे आते हैं जिनमें शिवलिंग का जलाभिषेक करने से भोलेनाथ अति शीघ्र प्रसन्न होते हैं। साल 2026 का सावन मास कई मायनों में बेहद अनूठा और दुर्लभ संयोग लेकर आ रहा है। आइए जानते हैं सावन के उन 6 महा-अवसरों की पूरी लिस्ट, जिन दिनों शिव जी की उपासना करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।
1. सावन के सोमवार (4 सोमवार का अद्भुत संयोग)
सावन मास में सोमवार के व्रत का अत्यधिक महत्व है। साल 2026 में सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं, जिनमें कई विशेष संयोग बन रहे हैं:
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पहला सावन सोमवार: 3 अगस्त 2026
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दूसरा सावन सोमवार (सोम प्रदोष व्रत): 10 अगस्त 2026
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तीसरा सावन सोमवार (नाग पंचमी): 17 अगस्त 2026
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चौथा सावन सोमवार: 24 अगस्त 2026
2. सावन के महा-अचूक प्रदोष व्रत (Som & Bhaum Pradosh)
प्रदोष व्रत साक्षात भगवान शिव को समर्पित होता है। इस बार सावन में दो बेहद शुभ प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं:
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सोम प्रदोष व्रत (10 अगस्त 2026): सावन के दूसरे सोमवार को ही प्रदोष व्रत का होना एक महासंयोग है। इस दिन जलाभिषेक करने से दुर्लभ फलों की प्राप्ति होती है।
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भौम प्रदोष व्रत (25 अगस्त 2026): मंगलवार के दिन पड़ने वाले इस प्रदोष व्रत को कर्ज मुक्ति और हनुमान जी की कृपा के लिए भी उत्तम माना जाता है।
3. सावन शिवरात्रि (11 अगस्त 2026)
सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है, जो इस साल 11 अगस्त 2026 को है। यदि किसी के विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हैं या वैवाहिक जीवन में अनबन चल रही है, तो इस दिन व्रत रखकर चार पहर की पूजा और शिवलिंग पर पंचामृत अभिषेक करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
4. हरियाली तीज (15 अगस्त 2026)
महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए अखंड सौभाग्य का पर्व हरियाली तीज इस साल 15 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस पावन तिथि पर माता पार्वती और देवाधिदेव महादेव की संयुक्त रूप से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन पूरी श्रद्धा से व्रत रखने पर सुयोग्य, मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और सुहागिनों के पति की आयु लंबी होती है।
5. नाग पंचमी पर दुर्लभ सोमवार का योग (17 अगस्त 2026)
इस साल नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा और सबसे विशेष बात यह है कि इस दिन सावन का तीसरा सोमवार भी है। सोमवार और नाग पंचमी का एक साथ होना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। इस दिन महादेव के साथ-साथ उनके गले के आभूषण नाग देवता की दूध और जल से विशेष पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से कालसर्प दोष, अज्ञात भय और सर्पदंश के खतरों से मुक्ति मिलती है।
6. सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन (28 अगस्त 2026)
सावन महीने का समापन श्रावण पूर्णिमा के साथ होता है, जो इस साल 28 अगस्त 2026 को है। इसी पावन तिथि पर भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। सावन की पूर्णिमा पर पवित्र नदियों में स्नान, दान और भोलेनाथ का गंगाजल से जलाभिषेक करने से पूरे परिवार पर शिव जी का वरदहस्त बना रहता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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