
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में न्याय और कर्मफल दाता शनि देव को एक विशेष और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। नवग्रहों में शनि की गति सबसे धीमी मानी जाती है, यही वजह है कि वे एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करने के लिए करीब ढाई साल (2.5 वर्ष) का लंबा समय लेते हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से शनि का राशि परिवर्तन एक युगांतकारी घटना होती है, क्योंकि इसके कारण कुछ राशियों पर शनि की कष्टकारी साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू होती है, तो वहीं कुछ अन्य राशियों को इससे पूरी तरह मुक्ति मिलती है।
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हर व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के दौर से अवश्य गुजरना पड़ता है। वर्तमान समय की बात करें तो शनि देव 29 मार्च 2025 से मीन राशि में विराजमान हैं। आइए जानते हैं ज्योतिषीय गणना के अनुसार साल 2054 तक शनि देव कब-कब वक्री, मार्गी और राशि परिवर्तन करेंगे और किस राशि पर इसका क्या असर होगा।
वर्ष 2027: 3 जून 2027, बृहस्पतिवार को सुबह 06:23 बजे शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद इसी साल 20 अक्टूबर 2027, बुधवार को सुबह 06:05 बजे शनि मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) हो जाएंगे।
वर्ष 2028: 23 फरवरी 2028, बुधवार को रात 08:00 बजे शनि देव मार्गी (सीधी चाल) होकर फिर से मेष राशि में लौट आएंगे।
वर्ष 2029: 8 अगस्त 2029, बुधवार को दोपहर 01:19 बजे शनि वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 5 अक्टूबर 2029, शुक्रवार को दोपहर 03:46 बजे वक्री होकर फिर से मेष राशि में चले जाएंगे।
वर्ष 2030: 17 अप्रैल 2030, बुधवार को सुबह 09:35 बजे शनि मार्गी होकर पुनः वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।
वर्ष 2032: 31 मई 2032, सोमवार को सुबह 03:46 बजे शनि देव मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे।
वर्ष 2034: 13 जुलाई 2034, बृहस्पतिवार को सुबह 05:39 बजे शनि कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।
वर्ष 2036: 27 अगस्त 2036, बुधवार को रात 10:27 बजे शनि सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
वर्ष 2038: 22 अक्टूबर 2038, शुक्रवार को रात 07:26 बजे शनि कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।
वर्ष 2039: 5 अप्रैल 2039, मंगलवार को शाम 05:11 बजे शनि वक्री होकर सिंह राशि में लौटेंगे। फिर 13 जुलाई 2039, बुधवार को सुबह 05:28 बजे मार्गी होकर दोबारा कन्या राशि में आ जाएंगे।
वर्ष 2041: 29 जनवरी 2041, मंगलवार को दोपहर 12:23 बजे शनि तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके ठीक बाद 5 फरवरी 2041 को वे कन्या राशि में वक्री होंगे और 26 सितंबर 2041, बृहस्पतिवार को सुबह 08:21 बजे तुला राशि में पुनः मार्गी हो जाएंगे।
वर्ष 2043: 12 दिसंबर 2043, शनिवार को रात 12:43 बजे शनि वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।
वर्ष 2044: 23 जून 2044, बृहस्पतिवार को सुबह 05:11 बजे वक्री होकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 30 अगस्त 2044, मंगलवार को सुबह 09:09 बजे मार्गी होकर वापस वृश्चिक राशि में चले जाएंगे।
वर्ष 2046: 8 दिसंबर 2046, शनिवार को रात 12:44 बजे शनि धनु राशि में गोचर करेंगे।
वर्ष 2049: 6 मार्च 2049, शनिवार को शाम 04:59 बजे शनि मकर राशि में प्रवेश करेंगे। 10 जुलाई 2049 को वक्री होकर धनु राशि में लौटेंगे और फिर 4 दिसंबर 2049, शनिवार को सुबह 08:25 बजे मार्गी होकर मकर राशि में आ जाएंगे।
वर्ष 2052: 25 फरवरी 2052, रविवार को सुबह 05:01 बजे शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में प्रवेश कर जाएंगे।
वर्ष 2054: 14 मई 2054, बृहस्पतिवार को रात 10:50 बजे शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 2 सितंबर 2054, बुधवार को रात 01:56 बजे वक्री होकर कुंभ राशि में लौटेंगे और अंततः 5 फरवरी 2055, शुक्रवार को रात 08:13 बजे मीन राशि में मार्गी होंगे।
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