
लखनऊ। रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से महिलाओं और उनके साथ सफर करने वाले सहयात्रियों के लिए शुरू की गई तीन दिवसीय निशुल्क बस सेवा को इस बार जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। प्रदेश में बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया और पिछले साल के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के आंकड़ों के मुताबिक, 27 से 29 अगस्त 2026 के बीच कुल 88 लाख 94 हजार 730 यात्रियों ने मुफ्त बस यात्रा की। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। सरकार की इस पहल के तहत 55.17 लाख महिलाओं और 33.76 लाख सहयात्रियों ने बिना किराया दिए बसों में सफर किया।
तीन दिन तक महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा
रक्षाबंधन को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और उनके सहयात्रियों के लिए तीन दिनों तक निशुल्क बस यात्रा की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य पर्व के दौरान महिलाओं को अपने मायके और अन्य स्थानों तक आसानी से पहुंचने में सुविधा देना था।
सरकार की इस व्यवस्था का असर प्रदेशभर में देखने को मिला। रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने रोडवेज बसों का इस्तेमाल किया। उनके साथ यात्रा करने वाले सहयात्रियों को भी इस सुविधा के दायरे में रखा गया, जिससे परिवारों को त्योहार के दौरान आवागमन में राहत मिली।
पिछले साल का रिकॉर्ड भी हुआ पीछे
योगी सरकार की ओर से दी गई मुफ्त बस यात्रा का लाभ इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अधिक यात्रियों तक पहुंचा। यूपीएसआरटीसी के आंकड़े बताते हैं कि तीन दिनों में निशुल्क यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
महिलाओं के साथ उनके सहयात्रियों को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलने से इस योजना का दायरा और बढ़ गया। रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से किए गए इंतजाम भी महत्वपूर्ण रहे।
मुफ्त यात्रा पर सरकार ने खर्च किए 106.98 करोड़ रुपये
महिलाओं और उनके सहयात्रियों को दी गई इस निशुल्क बस यात्रा का पूरा वित्तीय भार उत्तर प्रदेश सरकार ने उठाया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 27 से 29 अगस्त के बीच मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने पर 106.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इस तरह रक्षाबंधन पर योगी सरकार की मुफ्त बस यात्रा योजना से न केवल लाखों महिलाओं को अपने परिवार और मायके तक पहुंचने में मदद मिली, बल्कि उनके साथ सफर करने वाले लाखों यात्रियों को भी आर्थिक राहत मिली। तीन दिनों में 88.94 लाख यात्रियों का इस सुविधा का लाभ उठाना योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाता है।
55 लाख से ज्यादा महिलाओं ने किया मुफ्त सफर
यूपीएसआरटीसी के आंकड़ों में सबसे अहम बात यह है कि कुल लाभार्थियों में 55.17 लाख महिलाएं शामिल रहीं। वहीं 33.76 लाख सहयात्रियों ने भी बिना किराया दिए यात्रा की।
सरकार की ओर से रक्षाबंधन पर शुरू की गई यह विशेष सुविधा त्योहार के दौरान महिलाओं की आवाजाही को आसान बनाने के उद्देश्य से लागू की गई थी। इस वर्ष लाभार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ योजना ने पिछले साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।
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