
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य का राशि और नक्षत्र परिवर्तन एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है, जिसका सीधा असर मानव जीवन और सभी 12 राशियों पर पड़ता है। जुलाई 2026 में सूर्य देव अपने धुर विरोधी और कर्मफल दाता शनि देव के प्रिय नक्षत्र ‘पुष्य’ में प्रवेश करने जा रहे हैं। चूंकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य और शनि के बीच घोर शत्रुता का संबंध है, इसलिए शनि के घर (नक्षत्र) में सूर्य का यह गोचर कुछ राशियों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस गोचर के प्रभाव स्वरूप 3 विशेष राशियों के जातकों को अपने करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में बेहद फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
सूर्य-शनि की शत्रुता इन 3 राशियों पर पड़ेगी भारी
पुष्य नक्षत्र में सूर्य के गोचर काल के दौरान इन तीन राशि वाले जातकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है:
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मेष राशि (Aries): इस गोचर के प्रभाव से मेष राशि के जातकों के कार्यक्षेत्र में अचानक दबाव बढ़ सकता है। उच्च अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा। वाणी पर नियंत्रण रखना इस समय बेहद जरूरी है।
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मिथुन राशि (Gemini): आर्थिक मोर्चे पर मिथुन राशि वालों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें, अन्यथा धन हानि के योग बन रहे हैं। परिवार में किसी बात को लेकर कलह की स्थिति बन सकती है।
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तुला राशि (Libra): तुला राशि के जातकों को इस अवधि में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से आंखों या पेट से जुड़ी परेशानियां घेर सकती हैं। व्यापार में भी पार्टनरशिप के कामों में पारदर्शिता बनाए रखें, नहीं तो धोखा मिल सकता है।
गोचर के दौरान क्या सावधानियां बरतें?
ज्योतिषविदों के अनुसार, जब सूर्य और शनि की ऊर्जा आपस में टकराती है, तो इंसान के भीतर अहंकार और आलस की प्रवृत्ति बढ़ती है। इससे बचने के लिए जातकों को रोजाना सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके साथ ही शनिवार के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाने से इस गोचर के नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कार्यस्थल पर किसी भी तरह की राजनीति या गॉसिप से दूर रहना ही आपके लिए समझदारी का सौदा होगा।
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