News India Live, Digital Desk: लंबे समय से गर्भवती महिलाओं के मन में एक डर था कि क्या बुखार या दर्द में पैरासिटामोल लेना उनके आने वाले बच्चे के लिए सुरक्षित है? हाल के वर्षों में कुछ दावों (जिनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियां भी शामिल थीं) ने इस डर को और बढ़ा दिया था। लेकिन अब साल 2026 की सबसे बड़ी मेडिकल रिसर्च ने इन तमाम शंकाओं पर विराम लगा दिया है। वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि पैरासिटामोल का गर्भावस्था में उपयोग बच्चों में किसी भी तरह के ‘न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर’ (जैसे ऑटिज्म या ADHD) का कारण नहीं बनता।
स्टडी में क्या हुआ खुलासा?
लंदन की सिटी सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी और डेनमार्क के वैज्ञानिकों द्वारा की गई इस व्यापक स्टडी में लाखों बच्चों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया गया। रिसर्च के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
कोई सीधा संबंध नहीं: शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन माताओं ने गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लिया, उनके बच्चों में ऑटिज्म या ADHD विकसित होने का जोखिम उन बच्चों से ज्यादा नहीं था जिन्होंने इसका सेवन नहीं किया था।
भ्रम का कारण: स्टडी के अनुसार, पिछली रिसर्च में जो जोखिम दिखे थे, वे दवा के कारण नहीं बल्कि अन्य कारकों जैसे मां की बीमारी, तेज बुखार या आनुवंशिक कारणों (Genetics) की वजह से हो सकते थे।
गोल्ड स्टैंडर्ड साक्ष्य: ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित इस रिव्यू को अब तक का सबसे सटीक प्रमाण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सहोदर तुलना (Sibling Comparison) का भी उपयोग किया गया है।
क्यों जरूरी है पैरासिटामोल?
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भावस्था में तेज बुखार या गंभीर दर्द को नजरअंदाज करना बच्चे और मां दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। अनट्रीटेड फीवर (बिना इलाज का बुखार) गर्भस्थ शिशु के विकास में बाधा डाल सकता है। ऐसे में पैरासिटामोल अभी भी डॉक्टरों की पहली पसंद बनी हुई है क्योंकि अन्य दर्द निवारक दवाएं (जैसे इबुप्रोफेन) गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित नहीं मानी जातीं।
डॉक्टरों की सलाह: सावधानी भी जरूरी
भले ही स्टडी ने पैरासिटामोल को सुरक्षित घोषित किया है, लेकिन डॉक्टर अभी भी ‘न्यूनतम खुराक’ के सिद्धांत का पालन करने की सलाह देते हैं:
बिना सलाह न लें: कोई भी दवा लेने से पहले अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श जरूर करें।
कम समय के लिए उपयोग: दवा का सेवन केवल तब तक करें जब तक बहुत जरूरी हो और सबसे कम प्रभावी खुराक (Lowest effective dose) ही लें।
लेबल चेक करें: ऐसी दवाओं से बचें जिनमें पैरासिटामोल के साथ अन्य एक्टिव तत्व (जैसे कैफीन या फिनाइलफ्राइन) मिले हों।
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