
दीर्घकालिक सुरक्षित बचत, जोखिम-रहित रिटर्न और शत-प्रतिशत गारंटीड फंड तैयार करने के लिए डाकघर (Post Office) की पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) योजना देश भर के मध्यमवर्गीय परिवारों और वेतनभोगियों की पहली पसंद बनी हुई है। भारत सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इसमें जमा पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। यदि आप पोस्ट ऑफिस पीपीएफ खाते में हर महीने ₹5,000 (सालाना ₹60,000) जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो 15 वर्ष की अनिवार्य लॉक-इन अवधि पूरी होने पर आपको कितना ब्याज मिलेगा और कुल मैच्योरिटी राशि कितनी बनेगी, इसका वित्तीय गणित समझना आवश्यक है।
वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर (Compounded Annually) दी जा रही है।
-
मासिक गणना और वार्षिक क्रेडिट: पीपीएफ में ब्याज की गणना हर महीने की जाती है, लेकिन इसे वित्तीय वर्ष के अंत में (31 मार्च को) खाते में क्रेडिट किया जाता है।
-
5 तारीख का ‘गोल्डन रूल’: पीपीएफ नियमों के अनुसार, महीने की 5 तारीख से लेकर अंतिम तारीख के बीच खाते में जो न्यूनतम बैलेंस (Lowest Balance) होता है, उसी पर उस महीने का ब्याज तय होता है। इसलिए यदि आप हर महीने ₹5,000 जमा करते हैं, तो उसे 1 से 5 तारीख के बीच ही ट्रांसफर करें, ताकि आपको उसी महीने से उस रकम पर ब्याज मिल सके।
पीपीएफ खाते की न्यूनतम परिपक्वता अवधि 15 वित्तीय वर्ष होती है। यदि आप लगातार 15 वर्षों तक प्रति माह ₹5,000 (वार्षिक ₹60,000) का योगदान करते हैं:
-
मासिक निवेश: ₹5,000
-
सालाना निवेश: ₹60,000
-
15 साल में कुल जमा मूलधन: ₹9,00,000 (9 लाख रुपये)
-
कुल अर्जित ब्याज (7.1% पर): ₹7,27,284 (लगभग)
-
15 साल बाद कुल मैच्योरिटी राशि: ₹16,27,284 (लगभग ₹16.27 लाख)
यानी 15 साल में आपकी कुल जमा पूंजी पर आपको सवा सात लाख रुपये से अधिक का शुद्ध ब्याज मुनाफा मिलता है, और आपका फंड 16.27 लाख रुपये का बन जाता है।
पीपीएफ योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि 15 साल पूरे होने के बाद आप इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं। कंपाउंडिंग का असली जादू 15 साल के बाद ही देखने को मिलता है:
| अवधि (Tenure) | कुल जमा मूलधन (₹) | अर्जित ब्याज (₹) | कुल मैच्योरिटी कॉर्पस (₹) |
| 15 वर्ष (सामान्य मैच्योरिटी) | ₹9,00,000 | ₹7,27,284 | ₹16,27,284 |
| 20 वर्ष (1 एक्सटेंशन) | ₹12,00,000 | ₹14,63,315 | ₹26,63,315 |
| 25 वर्ष (2 एक्सटेंशन) | ₹15,00,000 | ₹26,23,206 | ₹41,23,206 |
यदि आप इसे 25 साल तक जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश मात्र ₹15 लाख होगा, लेकिन उस पर मिलने वाला ब्याज ₹26.23 लाख हो जाएगा, जिससे आपका कुल फंड ₹41.23 लाख के पार निकल जाएगा।
पीपीएफ को आयकर के तहत ‘एक्सेम्प्ट-एक्सेम्प्ट-एक्सेम्प्ट’ (EEE) का दर्जा प्राप्त है, जो इसे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से कहीं अधिक बेहतर बनाता है:
-
निवेश पर छूट: धारा 80C के तहत प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन मिलता है।
-
ब्याज पर शून्य टैक्स: हर साल मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है (इस पर कोई टीडीएस नहीं कटता)।
-
मैच्योरिटी पर टैक्स-फ्री निकासी: 15 या 25 साल बाद जब आप पूरा पैसा निकालते हैं, तो उस पर एक भी रुपया इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।
इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति में खाता खुलने के तीसरे वित्त वर्ष से पीपीएफ बैलेंस पर सस्ता लोन और 6 साल पूरे होने पर आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की सुविधा भी मिलती है।
girls globe