
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 (NEET-UG) रद्द होने के बाद अब पूरे देश में आक्रोश की लहर है। पेपर लीक के आरोपों के बीच परीक्षा निरस्त करने के सरकार के फैसले ने जहां लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका दिया है, वहीं इस मुद्दे पर अब सियासत भी चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखे हमले किए हैं।
राहुल गांधी का हमला: युवाओं के भविष्य के साथ हुआ संगठित अपराध
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने इसे महज एक सरकारी नाकामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ किया गया ‘संगठित अपराध’ करार दिया है। राहुल गांधी ने भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत और उनके सपनों को इस भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचल दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब शिक्षा की तकदीर परिश्रम के बजाय पैसे और पहुंच से तय होने लगे, तो फिर पढ़ाई का क्या मतलब रह जाएगा? राहुल ने प्रधानमंत्री के ‘अमृतकाल’ पर तंज कसते हुए इसे छात्रों के लिए ‘विषकाल’ बताया है।
शिक्षा क्षेत्र में संगठित भ्रष्टाचार का आरोप
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में उन परिवारों का जिक्र किया जिन्होंने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया या गहने बेचे। उन्होंने कहा कि छात्र रातों को जागकर पढ़ाई करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें केवल ‘पेपर लीक’ मिलता है। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि पेपर माफिया हर बार बच निकलते हैं और सजा केवल ईमानदार छात्रों को भुगतनी पड़ती है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को ‘शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार’ का नाम दिया है।
स्टालिन की दो टूक: ‘नीट’ को पूरी तरह खत्म करो, 12वीं के अंकों पर मिले एडमिशन
इधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन ने एक बार फिर नीट परीक्षा को ही समाप्त करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाली ये अनियमितताएं साबित करती हैं कि नीट एक ‘स्कैम’ है। स्टालिन ने सुझाव दिया कि दोबारा परीक्षा कराना समय की बर्बादी और छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने मांग की है कि पुराने सिस्टम की तरह 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही एमबीबीएस (MBBS) में दाखिला दिया जाना चाहिए।
द्रविड़ियन मॉडल और कानूनी लड़ाई की तैयारी
स्टालिन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि इस साल भी नीट में भारी धांधली हुई है, जिससे लाखों परीक्षार्थी तनाव में हैं। उन्होंने राज्य सरकार और अन्य दलों से अपील की कि वे एकजुट होकर नीट के खिलाफ मजबूत स्टैंड लें। उन्होंने कानूनी रास्ता अख्तियार कर तमिलनाडु को नीट से पूरी तरह छुटकारा दिलाने और ‘द्रविड़ियन मॉडल’ को बहाल करने की बात कही है।
NTA का फैसला और सीबीआई जांच के आदेश
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को नीट-यूजी 2026 की परीक्षा रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की थी। 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा पर प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप लगे थे। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब इस मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है। एनटीए का कहना है कि नई परीक्षा की तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा, लेकिन तब तक लाखों छात्र अनिश्चितता के साये में जीने को मजबूर हैं।
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